
Report By: Kiran PRakash Singh
राहुल गांधी ने पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कथित “रेट कार्ड” साझा किया और दावा किया कि 10 वर्षों में 152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए।
digitallivenews.com | 19 जुलाई 2026
‘भविष्य की खुली नीलामी’! पेपर लीक पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला, साझा किया कथित ‘रेट कार्ड’
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कथित पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि देश में परीक्षाओं का भविष्य मानो “खुली नीलामी” बन गया है। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित “रेट कार्ड” का उल्लेख किया और दावा किया कि जिनके पास पैसा है, वे पेपर खरीद सकते हैं, जबकि मेहनत करने वाले छात्रों के सपने टूट जाते हैं। यह उनके राजनीतिक आरोप हैं।
पोस्ट में क्या-क्या किया दावा?
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में NEET, IIT-JEE, उत्तराखंड पटवारी, बिहार शिक्षक भर्ती और ओडिशा पुलिस भर्ती जैसी परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कथित रकम भी लिखी। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, जबकि दोषियों को सजा नहीं मिली। इन आंकड़ों और आरोपों को उन्होंने सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए उठाया।
प्रधानमंत्री मोदी से पूछा सवाल
अपने बयान में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि आखिर “यह गिरोह किसके संरक्षण में इतना बेखौफ है?” उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक माफिया बिना डर के काम कर रहे हैं और इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी दोहराई।
सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी किया जिक्र
राहुल गांधी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सोनम वांगचुक परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। वांगचुक को स्वास्थ्य कारणों से दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल के अनुसार उनकी हालत स्थिर है, लेकिन लंबे उपवास के कारण उन्हें चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है।
शिक्षा व्यवस्था पर फिर छिड़ी बहस
राहुल गांधी के इस बयान के बाद पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार पहले भी परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने और नकल व पेपर लीक रोकने के लिए कानूनों और तकनीकी उपायों का हवाला देती रही है। पेपर लीक के आरोपों और उनसे जुड़े मामलों में विभिन्न राज्यों में जांच और कानूनी कार्रवाई अलग-अलग स्तर पर जारी है।