
Report By: Kiran Prakash Singh
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक से कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुलाकात की। कांग्रेस ने भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा सुधार की मांग का समर्थन किया।
📅 दिनांक: 17 जुलाई 2026
🌐 Website: digitallivenews.com
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के आंदोलन को मिला कांग्रेस का समर्थन, पवन खेड़ा ने की मुलाकात
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से जारी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को अब कांग्रेस का भी समर्थन मिल गया है। शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अनशन स्थल पहुंचे और वांगचुक से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन जान जोखिम में डालना किसी भी संघर्ष का समाधान नहीं हो सकता।
इससे पहले आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और शिवसेना के नेता भी जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक के आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं। आंदोलन का मुख्य मुद्दा पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग है।
पवन खेड़ा ने स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
सोनम वांगचुक से मुलाकात के बाद पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस उनके स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझ रही है और ऐसे में आंदोलनकारियों को अपनी जान खतरे में नहीं डालनी चाहिए।
खेड़ा ने कहा कि “हम सभी एक असंवेदनशील सरकार का सामना कर रहे हैं। विरोध के तरीके बदलने होंगे, क्योंकि अपनी जान जोखिम में डालने से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा।”
कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई
पवन खेड़ा के जंतर-मंतर पहुंचने से पहले कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की कमी के कारण परीक्षा प्रणाली कमजोर हुई है। पार्टी ने दोहराया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए और पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
कई विपक्षी दल पहले ही दे चुके हैं समर्थन
सोनम वांगचुक के आंदोलन को कांग्रेस से पहले भी कई विपक्षी दलों का समर्थन मिल चुका है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल जंतर-मंतर पहुंचे थे और उन्होंने वांगचुक की शिक्षा सुधार संबंधी मांगों का समर्थन करते हुए उन्हें देश का शिक्षा मंत्री बनाए जाने की बात कही थी।
इसके अलावा समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, सांसद रुचि वीरा तथा शिवसेना की प्रवक्ता सुषमा अंधारे भी अनशन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जता चुकी हैं।
राज ठाकरे ने भी उठाई पारदर्शिता की मांग
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि केवल नीट ही नहीं, बल्कि देश की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य निगरानी के दिए निर्देश
सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं।
इस मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
निष्कर्ष
सोनम वांगचुक का आंदोलन अब केवल शिक्षा सुधार का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बनता जा रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, शिवसेना और मनसे समेत कई विपक्षी दल आंदोलन के समर्थन में खुलकर सामने आ चुके हैं। वहीं सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने और जवाबदेही तय करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।
© 17 जुलाई 2026 | digitallivenews.com