
Report By: Kiran Prakash Singh
जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों ने ऑर्गन फेलियर का खतरा बताया, हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य निगरानी के निर्देश दिए।
📅 दिनांक: 17 जुलाई 2026
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सोनम वांगचुक की बिगड़ती तबीयत से बढ़ी चिंता, भूख हड़ताल के 20वें दिन डॉक्टरों ने दी गंभीर चेतावनी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि उनकी शारीरिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। वहीं डॉक्टरों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकला और लंबा उपवास जारी रहा तो शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं, जिससे गंभीर चिकित्सीय जटिलताएं पैदा होने का खतरा है।
इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रशासन को उनकी रोजाना स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
20 दिनों के अनशन से लगातार बिगड़ रही सेहत
जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन के बीच सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भोजन का त्याग कर अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने दावा किया कि वांगचुक की हालत बेहद गंभीर हो गई है।
उन्होंने कहा कि लगातार उपवास के कारण उनका शरीर काफी कमजोर हो चुका है और हड्डियां तक साफ दिखाई देने लगी हैं। दीपके के अनुसार गुरुवार को वांगचुक दो बार गिरते-गिरते बचे, जिससे आंदोलनकारियों और समर्थकों की चिंता और बढ़ गई है।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो
सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ वीडियो में सोनम वांगचुक मंच से उतरते समय अपने साथियों का सहारा लेते दिखाई दिए। वीडियो में वह धीरे-धीरे और लड़खड़ाते कदमों से चलते नजर आए।
इन तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद देशभर में उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समर्थक लगातार सरकार से बातचीत शुरू करने और जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों ने दी गंभीर चिकित्सीय चेतावनी
वांगचुक की मेडिकल निगरानी कर रहे डॉक्टरों के अनुसार लंबे समय तक भोजन न लेने के कारण शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि यदि ऐसी स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो कई महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को बेहद नाजुक बताते हुए समय पर चिकित्सकीय देखभाल और आवश्यक कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया है।
अनशन जारी रखने पर अड़े सोनम वांगचुक
स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बावजूद सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिलता, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
उन्होंने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की है। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
हाईकोर्ट ने दिए स्वास्थ्य निगरानी के निर्देश
सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रशासन को निर्देश दिया कि वांगचुक के स्वास्थ्य की प्रतिदिन निगरानी की जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि उनकी स्थिति और गंभीर होती है तो उन्हें तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर पर जारी सोनम वांगचुक का आंदोलन अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति सबसे बड़ी चिंता बन गई है। आंदोलन से जुड़े लोगों ने उनकी हालत गंभीर होने का दावा किया है, जबकि डॉक्टरों ने लंबे उपवास के कारण गंभीर चिकित्सीय जोखिम की चेतावनी दी है। दूसरी ओर दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रशासन को नियमित स्वास्थ्य निगरानी के निर्देश दिए हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है या नहीं।
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