बंगाल में TMC नेताओं पर अंडा अटैक, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

Report By: Kiran Prakash Singh

पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाओं पर सियासत तेज हो गई है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी, जबकि BJP ने इसे जनता का गुस्सा बताया।

📅 दिनांक: 10 जुलाई 2026
🌐 DIGITALLIVENEWS.COM

बंगाल में TMC नेताओं पर अंडा अटैक, सियासत गरमाई, हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

 चुनावी हार के बाद बढ़ा विरोध, TMC नेताओं पर अंडा अटैक

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में है। हाल के सप्ताहों में कई सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा, कुणाल घोष और अन्य नेताओं पर अंडे फेंके जाने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

 BJP नेता दिलीप घोष का बयान बना चर्चा का विषय

इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP नेता दिलीप घोष ने कहा कि यह जनता के गुस्से का नया तरीका है। उन्होंने कहा कि “कम से कम लोग ईंट-पत्थर नहीं फेंक रहे हैं।” उनके अनुसार यह विरोध पिछले कई वर्षों में हुए कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की नाराज़गी को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन घटनाओं में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। साथ ही उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा कि चुनाव के बाद राज्य में अंडों की मांग बढ़ गई है।

 100 से अधिक घटनाओं का दावा, TMC ने जताई चिंता

BJP का दावा है कि चुनाव परिणाम आने के बाद से 100 से अधिक अंडा फेंकने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं TMC का आरोप है कि विपक्ष राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में ममता बनर्जी की रैली के दौरान भी प्रदर्शनकारियों ने अंडे फेंके और “चोर-चोर” के नारे लगाए। इन घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 कलकत्ता हाईकोर्ट ने मांगी सरकार से विस्तृत रिपोर्ट

मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच चुका है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से हुई सभी अंडा फेंकने की घटनाओं का विवरण पेश किया जाए। साथ ही कोर्ट ने यह भी पूछा है कि इन मामलों में कितनी FIR दर्ज हुईं और पुलिस ने क्या कार्रवाई की। यह निर्देश TMC सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया।

 अगली सुनवाई पर टिकीं राजनीतिक निगाहें

अब पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी प्रक्रिया दोनों साथ-साथ चल रही हैं। विपक्ष इसे जनता के असंतोष का प्रतीक बता रहा है, जबकि TMC इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बता रही है। अब सभी की नजर कलकत्ता हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और राज्य सरकार द्वारा पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यह मामला आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

Also Read

फिरोजाबाद में मांस और हड्डी की अफवाह पर बवाल टला

राहुल या विजय? PM फेस पर कांग्रेस ने दी इस्तीफे की धमकी

दृश्यम 3 का हिंदी वर्जन होगा मलयालम फिल्म से अलग

एलईटी का महिलाओं को फिदायीन बनाने का खतरा

सोनम वांगचुक के अनशन पर HC सख्त, केंद्र से मांगा जवाब

You Might Also Like

CJP प्रदर्शन पर नितिन नवीन का हमला, राहुल गांधी को दी चेतावनी

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल पर बीजेपी का हमला, वोट चोरी पर विवाद

जंतर-मंतर मार्च पर CJP का ऐलान, पुलिस को लेकर कही बड़ी बात

5G डेटा खपत में भारत नंबर-1, स्पीड में UAE सबसे आगे

पुलिस कब हिरासत में लेती है, कब करती है गिरफ्तार? जानें नियम

लाठीचार्ज से आंसू गैस तक, पुलिस कब क्या एक्शन ले सकती है?

गुजरात में जन्मे न्यूजीलैंड के क्रिकेटर जीत रावल ने लिया संन्यास, बनाए 10 हजार से ज्यादा रन

उम्र महज नंबर! ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग XI में सभी खिलाड़ी 30 पार, जानें किसकी कितनी उम्र

Select Your City