
Report By: Kiran Prakash Singh
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 में गंगाजल पाइपलाइन की खुदाई के खुले गड्ढे में कार गिर गई। चालक सुरक्षित बचा, स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप लगाया।
Published Date: 29 जून 2026
ग्रेटर नोएडा में गंगाजल पाइपलाइन के खुले गड्ढे में गिरी कार, चालक की बाल-बाल बची जान
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा-1 रेलवे विहार में गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे में कार गिरने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन चालक सुरक्षित बच निकला। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि यदि गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो यह दुर्घटना नहीं होती।
देर रात हुआ हादसा, गहरे गड्ढे में जा गिरी कार
यह घटना ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर अल्फा-1 रेलवे विहार की मुख्य सड़क पर हुई। जानकारी के अनुसार, गंगाजल पाइपलाइन की मरम्मत के लिए सड़क पर गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसे कई दिनों से खुला छोड़ दिया गया था। देर रात प्रमोद नामक युवक अपनी कार से गुजर रहे थे, तभी वाहन अचानक संतुलन खोकर गहरे गड्ढे में जा गिरा।
हादसे में कार को काफी नुकसान पहुंचा, लेकिन राहत की बात यह रही कि चालक समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आया और उसकी जान बच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना किसी बड़े हादसे में भी बदल सकती थी।
बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत नहीं होने का आरोप
घटना के बाद सेक्टर के निवासियों ने आरोप लगाया कि खुदाई वाली जगह पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो बैरिकेडिंग लगाई गई थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या रिफ्लेक्टर लगाया गया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सड़क पर गुजरने वाले वाहन चालकों को गड्ढे का अंदाजा लगाना मुश्किल था। यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो इस दुर्घटना से आसानी से बचा जा सकता था।
प्राधिकरण की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सेक्टरवासियों का कहना है कि शहर को सुरक्षित और गड्ढा मुक्त बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई स्थानों पर खुदाई के बाद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि पूर्व में हुई दुर्घटनाओं से भी संबंधित विभागों ने कोई सबक नहीं लिया। उनका मानना है कि समय पर निरीक्षण और निगरानी होती तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जल विभाग, तकनीकी विभाग और यदि कार्य किसी ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा था तो संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
निवासियों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। साथ ही सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
शहरभर के खुले गड्ढों को सुरक्षित करने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ग्रेटर नोएडा में जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, वहां तत्काल बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए। इसके अलावा लंबे समय से खुले पड़े गड्ढों को जल्द भरने की भी मांग की गई है।
नागरिकों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। प्रशासन यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाता है तो भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है।
Source: digitallivenews.com