
Report By: Kiran Prakash Singh
हाईकोर्ट ने शिक्षक समायोजन प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगाई। नई सरप्लस सूची जून अंत तक बनेगी, डीएम जांच करेंगे और 3 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
Digital Live News
22/05/2026
शिक्षक समायोजन पर हाईकोर्ट सख्त, फिलहाल ट्रांसफर पर रोक
हाईकोर्ट ने शिक्षक समायोजन प्रक्रिया पर लगाई रोक
Prayagraj में शिक्षक समायोजन मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने फिलहाल शिक्षक समायोजन और ट्रांसफर प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। अदालत ने साफ कहा कि पहले सरप्लस शिक्षकों की सूची को सही और पारदर्शी बनाया जाए, उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाए। इस फैसले के बाद प्रदेशभर के हजारों शिक्षकों को अस्थायी राहत मिली है।
जून के अंत तक बनेगी नई सरप्लस सूची
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अलग-अलग जिलों में सरप्लस शिक्षकों की सूची तैयार करने में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। इस पर अदालत ने नई सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जून 2026 के अंत तक नई और संशोधित सरप्लस सूची तैयार की जाए ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।
कोर्ट के प्रमुख निर्देश:
- जून अंत तक नई सूची तैयार हो
- सभी जिलों का रिकॉर्ड दोबारा जांचा जाए
- गलत सूची के आधार पर समायोजन न हो
- प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो
डीएम करेंगे गड़बड़ियों की जांच
हाईकोर्ट ने गलत सरप्लस सूची पर सख्त नाराजगी जताई है। अदालत ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं, वहां जिलाधिकारी स्तर से जांच कराई जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि किसी शिक्षक का नाम गलत तरीके से सरप्लस सूची में न जोड़ा जाए।
जांच से जुड़े मुख्य बिंदु:
- डीएम स्तर पर होगी जांच
- गलत सूची तैयार करने वालों की जिम्मेदारी तय होगी
- शिक्षकों की शिकायतों पर रिपोर्ट मांगी गई
- रिकॉर्ड की सत्यता की पुष्टि होगी
First In First Out नियम से होगा समायोजन
कोर्ट ने शिक्षक समायोजन प्रक्रिया में “First In First Out” नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं। यानी जिन शिक्षकों की नियुक्ति पहले हुई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर समायोजन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। अदालत ने कहा कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मनमानी पर रोक लगेगी।
समायोजन प्रक्रिया के नए नियम:
- First In First Out नियम लागू होगा
- स्टे वाले शिक्षक भी प्रक्रिया में शामिल रहेंगे
- अटैच्ड शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा
- सभी जिलों में एक समान प्रक्रिया अपनाई जाएगी
3 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को तय की है। तब तक सरकार को नई सूची, जांच रिपोर्ट और अटैच्ड शिक्षकों का पूरा रिकॉर्ड अदालत में पेश करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रक्रिया पूरी तरह सही नहीं होती, तब तक बड़े स्तर पर शिक्षक समायोजन नहीं किया जाएगा।
अगली सुनवाई में कोर्ट क्या देखेगा:
- नई सरप्लस सूची की स्थिति
- डीएम जांच रिपोर्ट
- अटैच्ड शिक्षकों का रिकॉर्ड
- नियमों के पालन की स्थिति
इस फैसले के बाद प्रदेश के शिक्षकों में राहत और उत्सुकता दोनों देखने को मिल रही है। अब सभी की नजर 3 जुलाई की सुनवाई पर टिकी है।