
Report By: Kiran Prakash Singh
लखनऊ में जेल भेजे गए अनुज यादव की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया, कार्रवाई और मुआवजे की मांग तेज।
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लखनऊ में हिरासत के बाद युवक की मौत से हड़कंप, पुलिस पर पिटाई का आरोप
जेल भेजे गए युवक की संदिग्ध मौत से मचा बवाल
राजधानी लखनऊ में पुलिस कार्रवाई के बाद जेल भेजे गए युवक अनुज यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से हड़कंप मच गया है। युवक की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि अनुज यादव को शनिवार को एनबीडब्ल्यू वारंट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
चौकी प्रभारी पर पिटाई का गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने बिजनौर कोतवाली क्षेत्र की माती चौकी के प्रभारी अभिराम शुक्ला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि हिरासत के दौरान अनुज यादव के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई की वजह से युवक की मौत हुई है। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और विपक्षी दल भी सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाने लगे हैं।
बलरामपुर अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, जेल में अनुज यादव की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने उसे इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा।
परिवार का कहना है कि युवक की हालत पहले से गंभीर थी, लेकिन समय पर सही इलाज नहीं मिला। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन और समर्थक अस्पताल पहुंच गए, जहां माहौल तनावपूर्ण हो गया।
फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले को शांत कराने में जुटा हुआ है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मुआवजे और मुकदमे की मांग पर अड़े परिजन
मृतक युवक के परिवार ने आरोपी चौकी प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा प्रदर्शन करेंगे। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत और जेल में बंद आरोपियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर हिरासत में किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है, तो उसे समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए।
अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, परिजन न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं।