फ़िरोज़ाबाद: नाबालिग हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद

Report By: Kiran Prakash Singh

फ़िरोज़ाबाद: नाबालिग बच्ची की हत्या के बहुचर्चित मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को उम्रकैद

ग्राम गढ़ी पाण्डेय की हृदय विदारक घटना को लेकर आया न्यायालय का निर्णय, दोषी ध्यानपाल उर्फ पप्पू को उम्रकैद और 62 हजार का जुर्माना

फ़िरोज़ाबाद (Digitalive News) – उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में स्थित थाना रजावली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम गढ़ी पाण्डेय में हुए नाबालिग बच्ची की हत्या के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने ऐतिहासिक और सख्त फैसला सुनाया है। इस जघन्य अपराध में नामजद आरोपी ध्यानपाल उर्फ पप्पू को आजीवन कारावास (life imprisonment) की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही न्यायालय ने उस पर ₹62,000 का अर्थदंड भी लगाया है।


📅 घटना की पृष्ठभूमि: 27 अगस्त 2025

यह मामला 27 अगस्त 2025 का है, जब ग्राम गढ़ी पाण्डेय में एक मासूम नाबालिग बच्ची लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना रजावली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आसपास के इलाकों में सघन खोजबीन शुरू की। कुछ ही घंटों के भीतर बाजरे के खेत में बच्ची का शव बरामद हुआ। इस दिल दहला देने वाली वारदात से पूरे इलाके में शोक और गुस्से की लहर दौड़ गई।


दुष्कर्म की आशंका, गलत नीयत और हत्या

जांच के दौरान पुलिस को यह संदेह हुआ कि बच्ची के साथ गलत नीयत से वारदात की गई है। मेडिकल जांच रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि आरोपी ने गलत इरादे से बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की और पकड़े जाने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को खेत में छिपा दिया गया था।


👮‍♂️ एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने किया खुलासा

इस मामले में एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने व्यक्तिगत रुचि लेकर पूरे घटनाक्रम की मॉनिटरिंग की। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और स्थानीय इनपुट के माध्यम से आरोपी तक पहुंच बनाई। कुछ ही दिनों में आरोपी ध्यानपाल उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।


⚖️ कोर्ट में सुनवाई और अंतिम फैसला

पुलिस द्वारा जुटाए गए पुख्ता साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने इसे दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर ₹62,000 का अर्थदंड भी लगाया है। यह राशि पीड़ित परिवार को सहायता के रूप में देने का आदेश दिया गया है।


📢 जनता में संतोष, पुलिस की सराहना

इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने न्यायालय के प्रति संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस विभाग, विशेष रूप से एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद की सराहना की, जिनकी निगरानी में मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच पूरी की गई।


🔚 निष्कर्ष: न्याय व्यवस्था में बढ़ा विश्वास

यह फैसला न्यायपालिका की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सख्त सजा समाज को यह संदेश देती है कि कानून के हाथ बहुत लंबे हैं, और मासूमों के साथ जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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