करण जौहर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मिला पर्सनैलिटी राइट्स का संरक्षण

Report By: Kiran Prakash Singh

करण जौहर को मिली बड़ी कानूनी राहत: अब बिना अनुमति नहीं होगा नाम, फोटो या आवाज़ का इस्तेमाल

नई दिल्ली, (DIGITALLIVENEWS)।

बॉलीवुड फिल्ममेकर करण जौहर को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके पक्ष में पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकार) को मान्यता देते हुए अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की है। अब बिना उनकी अनुमति के कोई भी उनके नाम, तस्वीर, आवाज या पहचान का व्यावसायिक उपयोग नहीं कर सकेगा

करण जौहर ने हाल ही में अपनी पहचान का अनधिकृत वाणिज्यिक उपयोग, फर्जी प्रोफाइल, और भ्रामक प्रचार को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका में उन्होंने कुछ वेबसाइटों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उनकी छवि वाले उत्पाद, जैसे मग्स और टी-शर्ट्स, अवैध रूप से बेचने का आरोप लगाया था।


कोर्ट का साफ संदेश: पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं चलेगा

इस मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी पहचान, नाम या तस्वीर का इस्तेमाल करना, खासकर आर्थिक लाभ के लिए, कानूनी रूप से अस्वीकार्य है।

कोर्ट ने माना कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ गोपनीयता का उल्लंघन हैं, बल्कि प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।


करण जौहर के वकील का तर्क

करण जौहर के वकील ने कोर्ट को बताया कि:

  • कई संस्थाएं और व्यक्ति उनकी सहमति के बिना नाम, फोटो, आवाज आदि का प्रयोग व्यावसायिक लाभ के लिए कर रहे हैं।

  • कुछ फर्जी वेबसाइटें और सोशल मीडिया प्रोफाइल्स उनके नाम से चल रही हैं।

  • उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर के अश्लील सामग्री, टी-शर्ट्स और अन्य सामान बेचे जा रहे हैं।


मेटा प्लेटफॉर्म्स का पक्ष

फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के मालिकाना हक रखने वाली कंपनी Meta के वकील ने कहा कि:

  • अधिकतर पोस्ट व्यंग्य या सामान्य टिप्पणियां हैं, जिन्हें मानहानिकारक नहीं माना जा सकता।

  • यदि कोर्ट पूर्ण प्रतिबंध लगा देती है, तो हर मज़ाक और प्रतिक्रिया को मुकदमे में तब्दील किया जा सकता है।

  • फ्री स्पीच और रचनात्मकता पर प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को संतुलित रूप से सुना और केवल व्यावसायिक उद्देश्य या भ्रामक ढंग से पहचान के उपयोग पर रोक लगाई है।


पहले भी मिल चुकी है राहत

करण जौहर से पहले ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन को भी पर्सनैलिटी राइट्स के मामलों में राहत मिल चुकी है। हाईकोर्ट ने तब कहा था कि:

“किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या पहचान को बिना अनुमति के दिखाना, विशेषकर AI या डिजिटल तकनीक के माध्यम से, गोपनीयता और गरिमा का सीधा उल्लंघन है।”


🔹 क्या हैं पर्सनैलिटी राइट्स?

पर्सनैलिटी राइट्स का मतलब होता है – किसी व्यक्ति की नाम, चेहरा, आवाज, स्टाइल, या किसी अन्य व्यक्तिगत पहचान को बिना अनुमति के व्यावसायिक या प्रचार उद्देश्यों से प्रयोग करना अवैध है।

इन अधिकारों का उद्देश्य व्यक्तिगत गरिमा, निजता और प्रतिष्ठा की रक्षा करना है, खासकर जब बात सार्वजनिक व्यक्तियों की हो।

Also Read

बिहार 2025: एनडीए का घोषणापत्र – रोजगार, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण

संभल में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

कैफ ने टीम बदलाव और खिलाड़ियों के डर पर उठाया सवाल

नेहा भसीन: पॉप बैंड से बॉलीवुड स्टार तक

UN में भारत का तीखा वार: पाकिस्तान को अपनी जमीन और ज़मीर दोनों साफ़ करने की जरूरत

You Might Also Like

मार्केट वैल्यू में भारत 7वें स्थान पर, क्या हैं वजहें?

अंजना ओम कश्यप पर टिप्पणी से सोशल मीडिया में विवाद

KGMU दवा घोटाले में बड़ा एक्शन, 3 कर्मी बर्खास्त

ग्राम प्रधान प्रशासक नियुक्ति पर हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई

योगी कैबिनेट की आज अहम बैठक, कई बड़े प्रस्तावों पर फैसला

KKR की जीत के बाद शाहरुख का वीडियो हुआ वायरल

काव्या मारन के रिएक्शन से क्रुणाल पांड्या पर बहस तेज

LSG vs PBKS मैच में पिच और मौसम निभाएंगे अहम रोल

Select Your City