
Report By: Kiran Prakash Singh
SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के हलफनामे का जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने 10 दिन की मोहलत दी। EC ने हलफनामे में SIR के फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया।
SIR पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन
Digital Live News | 27 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने चुनाव आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय मांगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन की मोहलत दी।
यह मामला चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR से जुड़े फैसलों और मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया से संबंधित है। चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि SIR से संबंधित तीनों प्रमुख आदेश आयोग ने सर्वसम्मति से लिए थे।
चुनाव आयोग ने हलफनामे में क्या कहा?
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि SIR से संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने के आरोपों को खारिज किया।
आयोग के मुताबिक, जून 2025, अक्टूबर 2025 और मई 2026 में जारी किए गए तीनों SIR आदेश आयोग के सामूहिक निर्णय पर आधारित थे। आयोग ने यह भी कहा कि किसी फाइल पर दर्ज सुझाव, सवाल या टिप्पणी अपने आप में आयोग का अंतिम निर्णय नहीं माने जा सकते।
ये चुनाव आयोग का पक्ष है। मामले में याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों और आयोग के जवाब पर न्यायालय की आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर आयोग की सफाई
चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में कहा कि फॉर्म 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है। आयोग के अनुसार, इस वैधानिक फॉर्म में बदलाव करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।
हालांकि, आयोग ने यह स्वीकार किया कि ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में फॉर्म और घोषणा-पत्र को जिस तरह दिखाया गया, उससे बदलाव होने का भ्रम पैदा हो सकता था। आयोग ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया में फॉर्म 6 और SIR घोषणा-पत्र को अलग-अलग हिस्सों में प्रस्तुत करने की व्यवस्था की गई है।
फॉर्म 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के आवेदन के लिए किया जाता है। इस मुद्दे पर याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां भी सुनवाई का हिस्सा हैं।
याचिकाकर्ताओं ने उठाए हैं ये सवाल
इस मामले में विपक्षी नेताओं और अन्य याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा SIR से जुड़े निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। याचिकाओं में संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने, फैसलों की प्रक्रिया की जांच और मतदाता सूची में नामों को जोड़ने या हटाने से संबंधित प्रक्रियाओं पर स्पष्टता की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं की दलीलों और चुनाव आयोग के हलफनामे के बीच मतभेदों पर न्यायालय विचार करेगा। फिलहाल कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आयोग के जवाब पर अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने के लिए समय दिया है।
आगे की सुनवाई पर नजर
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का समय दिया है। इसके साथ ही चुनाव आयोग को अन्य संबंधित याचिकाओं पर भी जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई है।
अब मामले में अगली कार्यवाही के दौरान याचिकाकर्ताओं की प्रतिक्रिया, चुनाव आयोग के पक्ष और SIR से जुड़े कानूनी सवालों पर चर्चा हो सकती है। इस मामले का आगे का घटनाक्रम मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।
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