
Report By: Kiran Prakash Singh
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में करीब दो दशक बाद छात्रसंघ चुनाव कराने का ऐलान हुआ है। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने एक्स पर ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ लिखकर प्रतिक्रिया दी।
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जामिया में छात्रसंघ चुनाव का ऐलान, CJP के सौरव दास ने दिया यह संदेश
Digital Live News | 26 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में करीब दो दशक बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले के बाद परिसर में छात्र राजनीति और छात्रसंघ की बहाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “छात्र एकता जिंदाबाद!”
1. विश्वविद्यालय प्रशासन ने क्या घोषणा की?
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सोमवार को जारी आदेश के मुताबिक, जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस घोषणा के बाद अब चुनाव की प्रक्रिया छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगी। फिलहाल चुनाव की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।
2. सौरव दास ने क्या कहा?
छात्रसंघ चुनाव के ऐलान के बाद CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने एक्स पर संक्षिप्त संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “छात्र एकता जिंदाबाद!”
उनकी यह प्रतिक्रिया विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव और छात्र एकजुटता को लेकर चल रही चर्चा के बीच सामने आई है। हालांकि, पोस्ट में उन्होंने चुनाव की घोषणा को लेकर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
3. वर्ष 2006 में भंग हुआ था छात्रसंघ
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में वर्ष 2006 में छात्रसंघ भंग कर दिया गया था। इसके बाद से निर्वाचित छात्रसंघ की बहाली का मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है।
छात्रों का कहना रहा है कि निर्वाचित प्रतिनिधि संगठन के माध्यम से वे विश्वविद्यालय से जुड़ी समस्याओं, शैक्षणिक मुद्दों और अपनी मांगों को प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रख सकते हैं।
4. विरोध-प्रदर्शनों के बीच आया फैसला
छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कई दिनों से विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव कराने और निर्वाचित छात्रसंघ की बहाली की मांग उठा रहे थे।
इसी घटनाक्रम के बीच प्रशासन ने चुनाव कराने की घोषणा की है। अब आगे की प्रक्रिया में छात्रसंघ के संविधान को मंजूरी और चुनाव की समयसीमा महत्वपूर्ण होगी।
5. अब चुनाव की तारीख पर नजर
करीब दो दशक बाद चुनाव कराने की घोषणा को छात्रसंघ की बहाली की मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव की तारीख और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति संविधान को मंजूरी मिलने के बाद स्पष्ट होगी।
फिलहाल सौरव दास के ‘छात्र एकता जिंदाबाद’ संदेश और विश्वविद्यालय प्रशासन की घोषणा के बाद जामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर चर्चा जारी है। अब देखना होगा कि चुनाव की प्रक्रिया कब शुरू होती है और छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर कब मिलता है।
दिनांक: 26 अक्टूबर 2026
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