
Report By: Kiran Prakash Singh
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा, राजनीतिक नेतृत्व और कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने गांधी परिवार पर भी निशाना साधा।
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राहुल-प्रियंका गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी का हमला, बोले- ‘राहुल कांग्रेस के फेल प्रोडक्ट’
Digital Live News | 23 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं, राजनीतिक नेतृत्व और कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए। त्रिवेदी ने राहुल गांधी को ‘फेल प्रोडक्ट’ बताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनाने की कोशिश से पार्टी को राजनीतिक नुकसान हुआ है।
1. राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर तंज
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर तंज कसते हुए कहा कि वह विदेश में अज्ञात स्थानों पर जाते हैं और वहां संदिग्ध लोगों से मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश से लौटने के बाद राहुल गांधी भारत के खिलाफ प्रचार करते हैं।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा का जिक्र करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी भी की। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस बेचैन है और पार्टी नेतृत्व बार-बार राजनीतिक रूप से सफल साबित नहीं हो पाया है।
ये आरोप बीजेपी प्रवक्ता की राजनीतिक टिप्पणियां हैं। विदेश यात्रा या किसी व्यक्ति से मुलाकात के आधार पर अपने आप किसी गतिविधि को देशविरोधी साबित नहीं किया जा सकता।
2. राहुल गांधी को बताया ‘फेल प्रोडक्ट’
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस बार-बार राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनके नेतृत्व में पार्टी को लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक प्रदर्शन से तुलना करते हुए कहा कि जहां बीजेपी अपने नेतृत्व की उपलब्धियों का दावा करती है, वहीं कांग्रेस राहुल गांधी को आगे बढ़ाने के बावजूद अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई।
बीजेपी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को बार-बार पार्टी का प्रमुख चेहरा बनाने की कोशिश से कांग्रेस के संगठन और राजनीतिक भविष्य पर असर पड़ा है। यह बीजेपी का राजनीतिक आकलन है; किसी नेता की सफलता या विफलता का मूल्यांकन चुनावी नतीजों और अन्य तथ्यों के आधार पर किया जा सकता है।
3. शिक्षा और पेशेवर जीवन का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के शुरुआती जीवन, शिक्षा और पेशेवर अनुभवों का उल्लेख करते हुए उनकी क्षमता पर सवाल उठाए।
उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को कॉलेज के दिनों में तीरंदाजी और निशानेबाजी के आधार पर प्रवेश मिला था, लेकिन बाद में इस क्षेत्र में उन्होंने कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी के विदेश में काम करने और कंपनियों से जुड़े अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने इन उदाहरणों को अपने इस आरोप के समर्थन में पेश किया कि राहुल गांधी का रिकॉर्ड सफलताओं के बजाय असफलताओं से जुड़ा रहा है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खेल, शिक्षा या कारोबारी अनुभव को उसके राजनीतिक प्रदर्शन का निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। त्रिवेदी ने इन उदाहरणों का इस्तेमाल राहुल गांधी की आलोचना के लिए किया।
4. कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर निशाना
सुधांशु त्रिवेदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस की सीटें घटकर 50 से नीचे आ गई थीं। उन्होंने इसे राहुल गांधी के नेतृत्व और पार्टी की रणनीति से जोड़कर देखा।
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 44 सीटें जीती थीं। 2019 में पार्टी को 52 सीटें मिलीं, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें हासिल कीं। ये चुनावी आंकड़े पार्टी के अलग-अलग चुनावों में प्रदर्शन को दिखाते हैं; इनके आधार पर नेतृत्व की भूमिका का आकलन राजनीतिक विश्लेषण का विषय है।
त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेतृत्व और राजनीतिक रणनीति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी राहुल गांधी को आगे बढ़ाने की कोशिश में बार-बार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही है।
5. प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को लेकर भी टिप्पणी
सुधांशु त्रिवेदी ने गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े फैसलों को लेकर पार्टी के भीतर स्पष्टता नहीं दिखाई देती।
उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा का संदर्भ देते हुए दावा किया कि कांग्रेस के भीतर रणनीतिक फैसलों को लेकर भ्रम की स्थिति है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पास पार्टी की दिशा को लेकर स्पष्ट योजना नहीं है और कांग्रेस के फैसलों पर दूसरे लोगों का प्रभाव है।
ये टिप्पणियां बीजेपी प्रवक्ता के आरोप हैं। कांग्रेस नेतृत्व की आंतरिक रणनीति या गांधी परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद को लेकर इन बयानों से स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।
सुधांशु त्रिवेदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर चर्चा में है। बीजेपी ने राहुल गांधी के नेतृत्व और विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए हैं, जबकि इन आरोपों के जवाब में कांग्रेस का पक्ष भी इस विवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
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