
Report By: Kiran Prakash Singh
अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से तीन सवाल पूछे। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, चीनी आयात और व्यापार घाटे पर जवाब मांगा।
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भारत-चीन तनाव पर खरगे के सवाल, बोले- चीन को क्लीन चिट देना बंद करे सरकार
डिजिटल लाइव न्यूज | 23 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अरुणाचल प्रदेश में कथित सैन्य टकराव और चीन के साथ व्यापार को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा और राजनयिक जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए।
1. खरगे ने केंद्र सरकार से पूछे तीन सवाल
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि चीन को क्लीन चिट देना बंद करना चाहिए और प्रधानमंत्री को देश के सामने सच्चाई रखनी चाहिए।
उन्होंने भारत-चीन सीमा पर तनाव की स्थिति, भारतीय सेना की गश्त के अधिकार और चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर सवाल उठाए। खरगे के बयान के बाद सीमा सुरक्षा और भारत की चीन नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
2. अरुणाचल प्रदेश में टकराव को लेकर चिंता
खरगे ने आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान का हवाला देते हुए अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन की सेनाओं के बीच कथित टकराव पर चिंता जताई।
उन्होंने डोकलाम और गलवान की घटनाओं का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या सीमा पर एक बार फिर गंभीर टकराव की स्थिति बनी है। खरगे ने यह भी पूछा कि क्या भारतीय सैनिकों के गश्त करने के अधिकारों पर कोई असर पड़ा है और सरकार इस मामले में पूरी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है।
हालांकि, सीमा पर टकराव से जुड़े दावों और उनकी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इस मुद्दे पर सरकार का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।
3. चीनी आयात और व्यापार घाटे पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने भारत की आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए चीन से होने वाले आयात और व्यापार घाटे के आंकड़ों का हवाला दिया।
खरगे के मुताबिक, गलवान में भारतीय सैनिकों के बलिदान के बाद से चीनी आयात में 102 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के बावजूद भारत की चीन पर आयात संबंधी निर्भरता बढ़ रही है। ये आंकड़े खरगे की ओर से दिए गए दावों पर आधारित हैं; इनकी अवधि और गणना की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
4. राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनयिक जवाबदेही का मुद्दा
खरगे ने सीमा पर तनाव को केवल सैन्य मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक जवाबदेही से जुड़ा विषय बताया। उनका कहना है कि देश को सीमा की वास्तविक स्थिति और सरकार की रणनीति के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने वाचा-दमाई में कॉर्प्स कमांडर स्तर की बातचीत के बाद भी कथित तनाव जारी रहने का सवाल उठाया। खरगे ने यह भी जानना चाहा कि सीमा पर गश्त के अधिकारों को लेकर कोई समझौता हुआ है या नहीं।
5. सरकार के जवाब पर टिकी नजरें
आईटीबीपी प्रमुख के कथित बयान के बाद भारत-चीन सीमा की स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है, जबकि इस मामले में सीमा पर वास्तविक परिस्थितियों और आधिकारिक बयानों की पुष्टि अहम होगी।
फिलहाल खरगे ने राष्ट्रीय सुरक्षा, चीन के साथ व्यापार और सरकार की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इन आरोपों और सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देती है।
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