
Report By: Kiran Prakash Singh
भारत में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही, 2036 तक हर 7 में 1 भारतीय होगा वरिष्ठ नागरिक
भारत में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2036 तक हर 7 में 1 भारतीय वरिष्ठ नागरिक होगा। सरकार ने बुजुर्गों के लिए ABVYAY योजना लागू की।
नई दिल्ली (Digital Live News):
भारत में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। 2011 में 60 साल से ऊपर की आबादी 10.16 करोड़ थी, जो 2036 तक बढ़कर 22.74 करोड़ हो जाएगी। इसका मतलब है कि बुजुर्गों का हिस्सा कुल जनसंख्या में 8.4% से बढ़कर 14.9% हो जाएगा और हर 7 में 1 भारतीय वरिष्ठ नागरिक होगा।
यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में दी। उन्होंने बताया कि बुजुर्गों की संख्या बढ़ने के साथ उनके सामने स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक निर्भरता और डिजिटल सुविधाओं का उपयोग जैसी चुनौतियां भी बढ़ रही हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि परिवारों के बदलते ढांचे के कारण बुजुर्गों की देखभाल का तरीका बदल गया है। पहले संयुक्त परिवार में बुजुर्गों की देखभाल सभी मिलकर करते थे, लेकिन अब छोटे परिवारों में यह जिम्मेदारी कम लोगों पर आ गई है।
बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने 1 अप्रैल 2021 से अटल वयो अभ्युदय योजना (ABVYAY) लागू की है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए सहायता और सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, नेशनल काउंसिल ऑफ सीनियर सिटीजन भी बनाई गई है, जो बुजुर्गों से जुड़े मुद्दों पर सलाह देती है।
देश में सबसे ज्यादा बुजुर्ग केरल में रहते हैं। यहां कुल आबादी के 16.5% लोग बुजुर्ग (60 साल से अधिक उम्र के 56 लाख लोग) हैं, जिसमें 11% लोग 80 साल या उससे अधिक उम्र के हैं। 2031 तक ये संख्या 25% तक पहुंच सकती है।
केरल में कई गांवों में केवल बुजुर्ग ही रहते हैं। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माइग्रेशन एंड डेवलपमेंट (IIMD) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की 3.43 करोड़ आबादी में हर पांच में से एक घर का कम से कम एक सदस्य बाहर है। 12 लाख से अधिक घरों में ताले पड़े हैं, जबकि 21 लाख से ज्यादा घरों में केवल बुजुर्ग ही रहते हैं।
इस बढ़ती आबादी के मद्देनजर सरकार और समाज दोनों को बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।