US नागरिक पर UAPA चार्ज हटने का दावा गलत, NIA ने किया खारिज

Report By: Kiran Prakash Singh

NIA ने मैथ्यू वैन डाइक समेत 7 आरोपियों पर UAPA जांच बंद होने के दावे को खारिज किया है। एजेंसी के मुताबिक आ तंक से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है।

Digital Live News | 9 सितंबर 2026 | digitallivenews.com

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US नागरिक पर UAPA चार्ज हटने का दावा गलत, NIA ने दी सफाई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैन डाइक समेत सात आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोप हटाए जाने के दावों को खारिज किया है। एजेंसी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत जांच जारी है और आतंकवाद से जुड़े मामले को बंद नहीं किया गया है।

यह मामला मार्च 2026 में सामने आया था, जब मैथ्यू एरन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। आरोपियों पर म्यांमार में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करने और ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग देने से जुड़े आरोप लगाए गए थे।

UAPA जांच बंद होने के दावे को NIA ने नकारा

मामले को लेकर हाल में यह दावा किया गया कि आरोपियों पर लगे आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े आरोप हटा दिए गए हैं और जांच बंद कर दी गई है। हालांकि NIA ने इन दावों को गलत बताया है।

एजेंसी के मुताबिक, सभी सात आरोपियों के खिलाफ UAPA के तहत जांच जारी है। यानी इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल किए जाने का मतलब यह नहीं है कि UAPA से जुड़ी जांच खत्म हो गई है।

मार्च 2026 में हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मैथ्यू एरन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ म्यांमार में कथित अवैध प्रवेश और ड्रोन युद्ध से संबंधित प्रशिक्षण देने के आरोप लगाए गए थे।

इस मामले में UAPA की धारा 18 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया था। अब NIA की ओर से दी गई सफाई के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि आतंकवाद से संबंधित आरोपों की जांच अभी एजेंसी के स्तर पर जारी है।

180 दिन की समय-सीमा बनी अहम वजह

इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने के समय को लेकर भी महत्वपूर्ण कानूनी पहलू सामने आया है। UAPA के तहत जांच पूरी करने के लिए कानून में कुछ परिस्थितियों में 180 दिनों तक की अवधि उपलब्ध हो सकती है। इसके लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।

इस मामले में आरोपियों की न्यायिक हिरासत से जुड़ी 180 दिनों की समय-सीमा 8 सितंबर 2026 को समाप्त होने वाली थी। ऐसे में एजेंसी के सामने निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपलब्ध आरोपों के संबंध में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने की जरूरत थी।

IFA के तहत दाखिल हुई चार्जशीट

NIA ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट (IFA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी के अनुसार, इस कानून के तहत सामने आए अपराधों से संबंधित जांच पूरी हो चुकी थी, इसलिए समय-सीमा समाप्त होने से पहले चार्जशीट दाखिल की गई।

हालांकि, इस चार्जशीट में यह भी दर्ज होने की बात कही गई है कि UAPA के तहत जांच जारी है। इसका मतलब यह है कि एक कानूनी प्रावधान के तहत चार्जशीट दाखिल होने के बावजूद दूसरे आरोपों से जुड़ी जांच आगे जारी रह सकती है।

आगे भी हो सकती है सप्लीमेंट्री चार्जशीट

NIA की सफाई के मुताबिक, कानून जांच एजेंसी को चार्जशीट दाखिल करने के बाद भी आगे की जांच करने की अनुमति देता है। अगर आगे की जांच में अतिरिक्त सबूत सामने आते हैं और उनसे अन्य अपराधों की पुष्टि होती है, तो एजेंसी की ओर से सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

इसलिए फिलहाल इस मामले में यह कहना सही नहीं होगा कि आरोपियों के खिलाफ UAPA से जुड़ी जांच समाप्त हो गई है। NIA ने साफ किया है कि सातों आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है।

मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर अब निगाहें रहेंगी। NIA की ओर से दी गई सफाई ने उन दावों पर विराम लगा दिया है, जिनमें UAPA की जांच बंद होने की बात कही जा रही थी।

Digital Live News | 9 सितंबर 2026
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