“मनोज बाजपेयी बोले– हर दिन नया ‘बेस्ट एक्टर’ बनाना सच्चे कलाकारों का अपमान”

Report By: Kiran Prakash Singh

मनोज बाजपेयी ने फिल्म इंडस्ट्री के ‘बेस्ट एक्टर’ टैग और पीआर कल्चर पर उठाए सवाल, कहा– ये सच्चे कलाकारों का अपमान है

मुंबई (digitallivenews)।
बॉलीवुड के दमदार अभिनेता मनोज बाजपेयी ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते पीआर कल्चर और तुरंत मिलने वाले ‘बेस्ट एक्टर’ या ‘नेशनल क्रश’ जैसे टैग्स पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि यह ट्रेंड न सिर्फ अनुभवी कलाकारों का अपमान करता है, बल्कि असली अभिनय की पहचान को भी धुंधला कर देता है।


🎭 “हर दिन नया बेस्ट एक्टर?”

मनोज बाजपेयी ने एक इंटरव्यू में कहा:

जैसे ही लगता है कि मैंने कुछ बेहतर किया है, किसी और को पीआर की मदद से ‘बेस्ट एक्टर’ बना दिया जाता है।

उन्होंने इस प्रवृत्ति को न सिर्फ भ्रामक बताया, बल्कि गंभीर चिंता का विषय भी करार दिया।


🎤 पीयूष मिश्रा का उदाहरण देकर बोले मनोज:

मनोज ने अपने बयान में अनुभवी अभिनेता पियूष मिश्रा का ज़िक्र करते हुए कहा:

“उन जैसे कलाकारों ने सालों मेहनत करके अभिनय साधा है। लेकिन आज पीआर की ताकत से कोई भी रातों-रात सुपरस्टार बन जाता है। ये उन सबके लिए अपमानजनक है।”


🔥 ‘नेशनल क्रश’ का भी किया अप्रत्यक्ष जिक्र?

मनोज बाजपेयी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका इशारा अभिनेत्री रश्मिका मंदाना की ओर था।
रश्मिका को अक्सर ‘नेशनल क्रश’ कहा जाता है, और हाल ही में उन्होंने अपना परफ्यूम ब्रांड ‘क्रशमिका मिल्क’ भी लॉन्च किया है, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई है।


🎬 फिल्म ‘जुगनुमा’ में नज़र आए मनोज बाजपेयी

मनोज बाजपेयी की हालिया फिल्म ‘जुगनुमा’ को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिल रही है।
फिल्म में उन्होंने 1980 के दशक के एक किसान ‘देव’ का किरदार निभाया है, जिसकी ज़िंदगी उसके बाग के पेड़ जलने के बाद पूरी तरह बदल जाती है।


👥 इंडस्ट्री में बहस शुरू

मनोज के इस बयान के बाद इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच पीआर बनाम टैलेंट की बहस फिर से शुरू हो गई है।
कई लोग सोशल मीडिया पर उनके विचारों से सहमत हैं और मानते हैं कि आजकल कलाकारों की प्रतिभा से ज्यादा ब्रांडिंग और मार्केटिंग को महत्व मिल रहा है।


📌 निष्कर्ष:

मनोज बाजपेयी ने जो मुद्दा उठाया है, वह सिर्फ एक कलाकार की व्यक्तिगत नाराजगी नहीं, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के मौजूदा माहौल पर एक जरूरी सवाल है।
उनकी बात न केवल नए और पुराने कलाकारों के बीच की तुलना को दर्शाती है, बल्कि इस बात पर भी रोशनी डालती है कि आज सच्ची कला की पहचान करना कितना मुश्किल होता जा रहा है।

Also Read

गणेश चतुर्थी पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं

उपराष्ट्रपति पद के लिए सी.पी. राधाकृष्णन ने किया नामांकन, पीएम मोदी बने पहले प्रस्तावक

होम लोन इंश्योरेंस: सही पॉलिसी चुनें

“सिकंदरा होटल में युवती डक्ट में गिरकर घायल”

Gold Prices Shine Bright: 24K, 22K & 18K Rates Today (Feb 27) Across Major Indian Cities

You Might Also Like

31 साल बाद खुला किडनैप-मर्डर केस, सलीम गिरफ्तार

YRKKH: ऋषभ जायसवाल का एग्जिट, अभिरा का इमोशनल पोस्ट

नेहा पेंडसे संग सड़क पर खौफनाक घटना, बोलीं- डर गई थी

AAP में सबसे बड़ा झटका: चड्ढा या पाठक, कौन भारी?

AAP टूट पर BJP का वार, नितिन नवीन बोले- अभी खेल बाकी

DC vs PBKS: प्लेइंग 11, पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन

IPL: कोहली के 300 छक्के,सबसे ज्यादा किसने लगाए?

इन मूलांक वालों से दुश्मनी पड़ सकती है भारी!

Select Your City