श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर केशव मौर्य का अखिलेश यादव को खुला चैलेंज

Report By: Kiran Prakash Singh

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि साहस है तो शाही ईदगाह हटाने की बात खुलकर कहें।

📅 दिनांक: 17 जुलाई 2026
🌐 Website: digitallivenews.com

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर केशव प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर हमला, दिया खुला चैलेंज

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान और संतों द्वारा 9 अगस्त 2026 को प्रस्तावित कारसेवा की घोषणा के बाद इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।

केशव मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव इन दिनों “बहुत टिपिर-टिपिर कर रहे हैं” और यदि वे वास्तव में धार्मिक मुद्दों पर खुलकर बोलना चाहते हैं, तो उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।


 केशव मौर्य का अखिलेश यादव पर सीधा हमला

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यदि अखिलेश यादव स्वयं को भगवान राम और श्रीकृष्ण का भक्त बताते हैं, तो उन्हें केवल बयानबाजी नहीं बल्कि इस मुद्दे पर स्पष्ट राय रखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार इस विषय पर अपना पक्ष रखती रही है और विपक्ष को भी अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए। मौर्य के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा फिर से चर्चा का विषय बन गया है।


 शाही ईदगाह पर दिया खुला चैलेंज

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यदि मुस्लिम वोटों का दबाव नहीं है, तो अखिलेश यादव को खुलकर कहना चाहिए कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े विवाद का समाधान होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय पर खुलकर बोलने से बचता है। हालांकि, यह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है और इस मुद्दे पर विभिन्न दलों की अलग-अलग राय है।


 ‘अंत में सत्य की होगी जीत’

अपने बयान में केशव मौर्य ने विश्वास जताया कि इस विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से होगा।

उन्होंने कहा कि देश के राम भक्त, कृष्ण भक्त और शिव भक्त न्यायपालिका पर भरोसा रखते हैं और उन्हें विश्वास है कि अदालत के फैसले के बाद भविष्य में स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।


 सीएम योगी का भी आया था बयान

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस दौरे के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि यदि कोई स्वयं को धार्मिक मानता है, तो उसे इस विषय पर खुलकर अपनी राय रखनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।


 चुनावी साल में गरमाया मुद्दा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले धार्मिक और राजनीतिक मुद्दे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि–शाही ईदगाह विवाद भी इन्हीं प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गया है।

राजनीतिक दल अपने-अपने दृष्टिकोण से इस विषय पर बयान दे रहे हैं। वहीं, विवाद से जुड़े मामलों पर न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।


निष्कर्ष

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयानों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहस तेज हो गई है। दूसरी ओर विपक्ष भी इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तय करने में जुटा है। चूंकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही होगा। चुनावी माहौल में इस मुद्दे का राजनीतिक प्रभाव आने वाले समय में और स्पष्ट हो सकता है।

© 17 जुलाई 2026 | digitallivenews.com

Also Read

केजरीवाल की चिट्ठी से गरमाई सियासत, शाहनवाज हुसैन का तीखा पलटवार

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक बार फिर से वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा भड़क उठी

सुप्रीम कोर्ट से TMC को झटका, EC के अधिकार बरकरार

नकुड़ सीट पर 315 वोट से जीती BJP, क्या SIR बदलेगा 2027 का खेल?

सेहत का मसाला: लौंग के चमत्कारी फायदे और सावधानियां

You Might Also Like

टाटा ग्रुप का असली मालिक कौन? जानें कैसे चलता है साम्राज्य

WTC में टीम इंडिया के कितने मैच बाकी? देखें पूरा शेड्यूल

गॉल टेस्ट में बनेंगे 700 रन? पिच को लेकर बड़ा खुलासा

‘आवारापन 2’ ने ‘बंटवारा 1947’ को एडवांस बुकिंग में पछाड़ा

सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ का फर्स्ट रिव्यू, जानें कैसी है फिल्म

लखनऊ में फर्जी फर्मों का खेल, करोड़ों की दवाओं की बिलिंग

मायावती ने पूर्व मंत्री अंटू मिश्रा को बसपा से किया निष्कासित

प्रशांत किशोर बोले- गठबंधन नहीं, बिहार का विकास है लक्ष्य

Select Your City