
Report By: Kiran Prakash Singh
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि राम मंदिर से जुड़ी जानकारी की पुष्टि हो चुकी है और वह आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा करेंगे। सियासी हलचल तेज हो गई है।
Published: 01 July 2026 | Digitallivenews.com
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आज बड़ा खुलासा करेंगे केजरीवाल, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बढ़ी सियासी हलचल
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा विवाद को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें कुछ दिन पहले राम मंदिर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी, जिस पर शुरुआत में उन्हें भरोसा नहीं हुआ। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में उन्होंने उस जानकारी की पुष्टि करने का दावा किया है और अब उसे सार्वजनिक करने की बात कही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजरें उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या करेंगे खुलासा?
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें श्री राम मंदिर से जुड़ी एक अहम जानकारी मिली थी। उन्होंने लिखा कि पहले उन्हें इस पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन बाद में उन्होंने इसकी पुष्टि की और अब वह इस विषय पर बुधवार दोपहर 1 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस प्रकार की जानकारी सार्वजनिक करेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
चढ़ावा विवाद को लेकर पहले भी लगा चुके हैं आरोप
राम मंदिर में कथित चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद अरविंद केजरीवाल लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। उन्होंने पहले भी आरोप लगाया था कि दान से जुड़े मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर उन्हें संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
केजरीवाल ने यह भी अपील की थी कि यदि आरोप साबित होते हैं तो संबंधित लोगों और उनका समर्थन करने वालों का सामाजिक बहिष्कार किया जाना चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
चंपत राय के इस्तीफे पर भी उठाए थे सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने पहले चंपत राय के इस्तीफे को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया था कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो सच्चाई सामने आ सके। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों ने समय-समय पर अपने पक्ष भी रखे हैं।
अयोध्या दौरे के दौरान भी उठाया था मुद्दा
जून के अंतिम सप्ताह में अयोध्या यात्रा के दौरान अरविंद केजरीवाल ने रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना की थी। इसके बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कथित चढ़ावा विवाद का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि इस मामले में “ऊपर से नीचे तक” कई लोग शामिल हो सकते हैं और सवाल किया था कि यदि आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही। उन्होंने यह भी कहा था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक प्रतिक्रिया पर रहेगी नजर
अरविंद केजरीवाल की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि वह कौन-सी जानकारी साझा करते हैं और उसके समर्थन में क्या तथ्य या दस्तावेज प्रस्तुत करते हैं।
यदि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई नया दावा या दस्तावेज सामने आता है तो उस पर राजनीतिक दलों और संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इस पूरे मामले में आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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