
Report By: Kiran Prakash Singh
गजराज राव हुए फिल्म ‘120 बहादुर’ के मुरीद – कहा, “यह सिर्फ फिल्म नहीं, भारतीय सेना के साहस का दस्तावेज है!”
गजराज राव ने फिल्म ‘120 बहादुर’ की तारीफ करते हुए इसे भारतीय सेना की वीरता का सच्चा दस्तावेज बताया। फिल्म 1962 के रेजांग ला के ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित है।
मुंबई।(digitallivenews)! भारत–चीन युद्ध 1962 की वीर गाथा पर बनी फिल्म ‘120 बहादुर’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में है। अब इस फिल्म की प्रशंसा करने वालों की सूची में अभिनेता गजराज राव का नाम भी शामिल हो गया है। अभिनेता ने फिल्म को भारतीय सेना की अदम्य बहादुरी और बलिदान का सच्चा चित्रण बताया है।
गजराज राव ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए लिखा—
“मेजर शैतान सिंह और उनकी वीर पलटन को शत–शत नमन।”
उन्होंने आगे कहा कि फरहान अख्तर और उनकी पूरी टीम ने रेजांग ला की ऐतिहासिक लड़ाई को बेहद ईमानदारी और मेहनत के साथ बड़े पर्दे पर उतारा है।
गजराज राव ने लोगों से भी अपील की कि वे इस फिल्म को अवश्य देखें, क्योंकि यह सिर्फ एक मनोरंजन नहीं बल्कि भारत के वीर सैनिकों के साहस, संघर्ष और बलिदान का दस्तावेज है।
फिल्म किस ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित है?
‘120 बहादुर’ वो कहानी है, जिसमें लद्दाख के रेजांग ला दर्रे पर अहिर कंपनी के 120 भारतीय सैनिकों ने करीब 3000 चीनी सैनिकों के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया था।
इस लड़ाई में मेजर शैतान सिंह और उनकी पलटन ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके अद्भुत वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।
फिल्म की स्टारकास्ट और निर्माण
फिल्म का निर्माण फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले हुआ है।
निर्देशन की कमान रजनीश घई ने संभाली है।
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फिल्म में मेजर शैतान सिंह की भूमिका फरहान अख्तर ने निभाई है और उन्होंने अपनी दमदार अभिनय से किरदार में जान डाल दी है।
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अभिनेत्री राशी खन्ना ने मेजर की पत्नी शगुन कंवर का किरदार निभाया है। उन्होंने एक सैनिक की पत्नी के गर्व, संघर्ष और भावनाओं को बेहद संवेदनशील तरीके से पेश किया है।
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अभिनेता अंकित सिवाच भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आते हैं।
क्यों देखें यह फिल्म?
अगर आप देशभक्ति, साहस और सच्ची वीरता की कहानियाँ पसंद करते हैं, तो ‘120 बहादुर’ आपके लिए एक अविस्मरणीय सिनेमैटिक अनुभव साबित हो सकती है। फिल्म न सिर्फ मनोरंजन करती है बल्कि भारतीय सेना के इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय भी दर्शाती है।