फिरोजाबाद में आवास योजना में भ्रष्टाचार, दलितों से वसूले गए हजारों रुपये

Report By: Kiran Prakash Singh

फिरोजाबाद: पंचायती राज विभाग में आवास के नाम पर भ्रष्टाचार, दलित गरीबों से हजारों रुपये वसूले गए

फिरोजाबाद, (Digital Live News):

फिरोजाबाद के पंचायती राज विभाग में आवास योजना के नाम पर एक बड़ा भ्रष्टाचार का खेल सामने आया है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की विशेष योजनाओं के तहत गरीबों और दलित वर्ग के लोगों को घर देने का दावा करने वाली सरकारी परियोजनाओं में, अब आरोप लग रहे हैं कि सेक्रेटरी और कुछ अधिकारी/कर्मचारी गरीब ग्रामीणों से हजारों रुपये वसूल रहे थे, लेकिन उन्हें आवास नहीं मिल रहा।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने भरोसा कर के आवेदन भरे और विभाग को पैसे दिए, लेकिन वर्षों बीतने के बाद भी उन्हें घर का लाभ नहीं मिला। दलित और गरीब समुदाय इस मुद्दे को लेकर प्रशासन से मदद की गुहार कर रहे हैं। एक ओर प्रदेश सरकार गरीबों को मुफ्त आवास देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर वही सरकारी कर्मचारी और सर्वे वाले अधिकारी गरीब जनता से हजारों रुपये की ठगी कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस भ्रष्टाचार का पता चलते ही विभाग ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। आवास योजना में पैसे लेने वाले अधिकारी/कर्मचारी जल्द ही बेनकाब होंगे। ग्रामीणों ने इस घोटाले की शिकायत उच्च अधिकारियों और मीडिया तक पहुंचाई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार केवल गरीब जनता के हक को छीनता है, बल्कि सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुँचाता है। यही कारण है कि इस मामले में भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठी है।

स्थानीय लोगों ने सरकार से अपील की है कि इस बार भ्रष्टाचारियों को बख्शा न जाए और जो भी अधिकारी आवास के नाम पर पैसे लेने में शामिल पाए जाएं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तुरंत की जाए। इस मामले को लेकर डिजिटल लाइव न्यूज लगातार तथ्यों के साथ अपडेट देता रहेगा।

इस घोटाले ने यह साफ कर दिया है कि गरीब और दलित वर्ग को मिलने वाले सरकारी लाभ तक पहुंचने के लिए पारदर्शिता और निगरानी बेहद जरूरी है। अगर ऐसे भ्रष्ट अधिकारी समय पर पकड़े नहीं गए, तो आने वाले समय में योजनाओं की सफलता पर प्रश्नचिह्न लग सकते हैं।

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फिरोजाबाद के पंचायती राज विभाग में आवास योजना के नाम पर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। ग्रामीणों और दलित गरीबों से आवास दिलाने के नाम पर सेक्रेटरी और अधिकारियों ने हजारों रुपये वसूले, लेकिन उन्हें कोई घर नहीं मिला। प्रदेश सरकार गरीबों को मुफ्त आवास मुहैया कराने का दावा कर रही है, लेकिन वहीं सरकारी कर्मचारी और सर्वे अधिकारी ठगी में लिप्त पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और मीडिया तक शिकायत पहुंचाई है। विभाग ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और जल्द ही जिम्मेदार अधिकारी बेनकाब होंगे। यह मामला सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है। ग्रामीणों और दलितों ने भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। Digital Live News लगातार इस मामले की तथ्यात्मक अपडेट देता रहेगा।

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