चिराग पासवान NDA में, फिर भी छात्रों के मुद्दे पर अलग रुख

Report By: Kiran Prakash Singh

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पटना में छात्रों पर लाठीचार्ज को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सत्ता में होने का मतलब यह नहीं कि सही मुद्दे पर चुप रहें।

26 अगस्त 2026 | digitallivenews.com


NDA में चिराग पासवान, लेकिन छात्रों के मुद्दे पर बेबाक रुख

केंद्रीय मंत्री और एलजेपी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान इन दिनों बिहार की राजनीति में अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। एनडीए का हिस्सा होने के बावजूद उन्होंने पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को गलत बताया है। चिराग ने साफ कहा कि सत्ता पक्ष में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि वह हर मुद्दे पर चुप रहें।

बुधवार को एबीपी न्यूज़ से बातचीत में चिराग पासवान ने अपने हालिया कदमों को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि छात्रों की समस्याओं को लेकर वह पहले भी आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी जो उन्हें सही लगेगा, उसके पक्ष में बोलते रहेंगे।

छात्रों की समस्या को लेकर गंभीर हैं चिराग

पटना में मंगलवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की घटना सामने आई। चिराग पासवान ने इस कार्रवाई को गलत करार दिया और छात्रों के प्रति अपनी चिंता जाहिर की।

उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याएं हमेशा उनकी प्राथमिकता रही हैं। उनका कहना है कि जब वह विपक्ष में थे, तब भी उन्होंने युवाओं के मुद्दों को उठाया था और अब सत्ता पक्ष का हिस्सा होने के बाद भी उनकी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

चिराग का यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

दिल्ली का काम छोड़कर पटना पहुंचे चिराग

चिराग पासवान ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली में उनके मंत्रालय से जुड़ा काम था, लेकिन छात्रों से जुड़ी घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली का काम छोड़कर पटना आने का फैसला किया।

पटना पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा। चिराग के मुताबिक, मुख्यमंत्री भी मामले को लेकर जागरूक हैं और उन्होंने मुलाकात के लिए समय दिया।

इसके बाद चिराग पासवान गर्दनीबाग पहुंचे और वहां प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को सुना और उनके बीच जाकर स्थिति को समझने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी से भी संपर्क

चिराग ने बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात और सरकार की ओर से मामले को लेकर की जा रही कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मुद्दे को लेकर सकारात्मक हैं।

चिराग के अनुसार, सम्राट चौधरी ने देर रात तक मामले की जानकारी ली। इससे संकेत मिलता है कि सरकार के भीतर भी छात्रों की मांगों और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा हो रही है।

हालांकि, छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दलों की अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

‘जो सही है, उसकी आवाज बनना है’

जब चिराग पासवान से पूछा गया कि वह एनडीए का हिस्सा हैं, फिर भी छात्रों और अन्य मामलों में अलग रुख क्यों अपनाते हैं, तो उन्होंने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को स्पष्ट किया।

चिराग ने कहा कि उनके मन में यह है कि जो सही है, उसकी आवाज बनना है। उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन में शामिल होना अपनी व्यक्तिगत या राजनीतिक राय रखने से उन्हें नहीं रोकता।

भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर चिराग ने कहा कि जो घटना हो चुकी है, उसे बदला नहीं जा सकता, लेकिन पीड़ित परिवार के लिए जो मदद संभव है, वह की जानी चाहिए।

NDA में रहते हुए अलग आवाज की चर्चा

चिराग पासवान के हालिया कदमों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है। एलजेपी रामविलास एनडीए का हिस्सा है और केंद्र के साथ-साथ बिहार में भी गठबंधन की सरकार है। इसके बावजूद चिराग कई मुद्दों पर अपनी स्वतंत्र राय रखते दिखाई दे रहे हैं।

उनका कहना है कि सत्ता में होना चुप रहने की वजह नहीं हो सकता। खासकर युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर वह अपनी बात रखने को जरूरी मानते हैं।

फिलहाल चिराग पासवान के रुख को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा जारी है। एक तरफ वह एनडीए के साथ हैं, वहीं दूसरी तरफ छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर खुलकर बोल रहे हैं। आने वाले दिनों में बिहार में छात्र आंदोलन और सरकार के रुख पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।

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