
Report By: Kiran Prakash Singh
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर अमित शाह ने विपक्ष को घेरा। राहुल गांधी के विदेश दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि BJP अगले 30 साल तक सत्ता में रहेगी।
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SIR विवाद के बीच अमित शाह का राहुल गांधी पर हमला, 30 साल तक BJP सरकार का दावा
डिजिटल लाइव न्यूज | 22 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विपक्ष के प्रदर्शनों को लेकर कहा कि केवल धरना देने से जनता का समर्थन नहीं मिलता, बल्कि लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
अमित शाह ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी अगले 30 साल तक सत्ता में बनी रहेगी। उन्होंने राहुल गांधी के कथित विदेश दौरे पर भी तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को समझते हैं।
1. अमित शाह ने 30 साल तक BJP सरकार का किया दावा
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि बीजेपी की नीतियों और कार्यकर्ताओं की जनता के बीच मौजूदगी के आधार पर उन्हें विश्वास है कि पार्टी लंबे समय तक सत्ता में रहेगी। उन्होंने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि जनता के बीच लगातार काम करना राजनीतिक सफलता के लिए जरूरी है।
शाह ने कहा कि वह देश में रहते हैं और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझते हैं। उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस की राजनीति को नकारात्मक बताते हुए दावा किया कि 2014 के बाद अगले 30 वर्षों तक कांग्रेस की सरकार बनने की संभावना नहीं है। यह अमित शाह का राजनीतिक दावा है, न कि भविष्य के चुनाव परिणामों की निश्चितता।
2. वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस को घेरा
राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और बीजेपी के अन्य नेताओं के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए पूछा था कि पार्टी के नेता सत्ता में बने रहने को लेकर इतने आश्वस्त कैसे हैं।
इसी संदर्भ में अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष किसी राज्य में चुनाव जीतता है, तो वहां चुनाव आयोग और मतदाता सूची को सही बताता है, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
शाह ने इस रवैये को दोहरा मापदंड बताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों को स्वीकार करना चाहिए। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित तथ्यों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकती है।
3. राहुल गांधी के विदेश दौरे पर भी साधा निशाना
अमित शाह ने राहुल गांधी के कथित विदेश दौरे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेश में कहां हैं और वहां क्यों गए हैं, यह उन्हें स्पष्ट करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति का विदेश जाना उसकी निजी जिंदगी का हिस्सा है।
हालिया मीडिया रिपोर्टों में राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर होने का दावा किया गया था। बीजेपी ने भी इस संबंध में कथित वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था।
शाह ने अपने संबोधन में राहुल गांधी से दिल्ली लौटकर उनकी बात सुनने की अपील करते हुए कहा कि बीजेपी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पार्टी के नेता जनता के बीच रहते हैं और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए काम करते हैं।
4. दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शनों पर क्या बोले शाह?
दिल्ली में SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों को लेकर अमित शाह ने कहा कि केवल भीड़ जुटाने या धरना देने से जनता का जनादेश नहीं बदला जा सकता।
उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे जिन राज्यों में सत्ता में हैं, वहां जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए योजनाएं बनाएं और उन पर काम करें। शाह ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए लोगों के बीच रहना और उनकी परेशानियों को समझना जरूरी है।
उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को जनता के दुख-दर्द, समस्याओं और अव्यवस्थाओं को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विपक्षी दल ऐसा नहीं करते, तो उन्हें आने वाले चुनावों में और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
5. SIR को लेकर सियासी टकराव जारी
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची की जांच और संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया है। इसे लेकर विपक्षी दलों ने कई सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलावों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति बताते हुए कहा कि चुनावी नतीजों को स्वीकार करना और जनता के बीच काम करना ही लोकतंत्र में आगे बढ़ने का रास्ता है।
अमित शाह के इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। अब इस मुद्दे पर विपक्ष की अगली प्रतिक्रिया और SIR को लेकर जारी विवाद में आगे होने वाले घटनाक्रम पर नजर रहेगी।
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