
Report By: Kiran Prakash Singh
रेल लॉन्चर से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत ने हासिल की नई सामरिक क्षमता
नई दिल्ली (DigitalLiveNews)। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह पहली बार है जब भारत ने किसी मिसाइल को रेल प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया है। इससे भारत की स्ट्रैटेजिक ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है और देश उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास रेल से मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता है।
क्या है अग्नि-प्राइम मिसाइल?
अग्नि-प्राइम, भारत की अग्नि मिसाइल श्रृंखला की नई पीढ़ी की इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है। यह 2,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को सटीकता से भेद सकती है। यह मिसाइल कैनिस्टराइज्ड कॉन्फ़िगरेशन से लैस है, जिससे इसे लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत लॉन्च किया जा सकता है।
रेल-बेस्ड लॉन्च सिस्टम: गेम चेंजर
मिसाइल को रेल बेस्ड मोबाइल लॉन्चर से दागा गया, जिसे खास तौर पर इस काम के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम देश के किसी भी कोने में रेलवे नेटवर्क के माध्यम से स्वतंत्र रूप से मूव कर सकता है, जिससे इसकी मोबिलिटी, सर्वाइवेबिलिटी और स्ट्रैटेजिक सरप्राइज क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इससे लॉन्च की प्रक्रिया तेज होती है और दुश्मन की निगरानी से भी बचाव होता है।
परीक्षण से जुड़ी अहम जानकारियाँ:
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परीक्षण को डीआरडीओ, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) और सशस्त्र बलों की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
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परीक्षण का सटीक स्थान गोपनीय रखा गया है।
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मिसाइल में बेहतर एक्यूरेसी, हाई मोबिलिटी और लो विजिबिलिटी जैसी आधुनिक क्षमताएं मौजूद हैं।
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यह परीक्षण भारत को न्यूक्लियर डिटरेंस में और भी मजबूत बनाता है।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
यह पूरा सिस्टम भारत में ही स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को मजबूत करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस उपलब्धि पर DRDO और सेना को बधाई दी है।
चीन-पाकिस्तान को सीधा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परीक्षण न केवल भारत की सैन्य क्षमताओं को नई ऊंचाई देता है, बल्कि चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों के लिए स्पष्ट सिग्नल भी है। बढ़ते सीमा तनावों के बीच भारत अपनी रणनीतिक तैयारियों को लगातार उन्नत कर रहा है।
निष्कर्ष:
भारत का यह कदम रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। रेल लॉन्चर से मिसाइल दागने की क्षमता न केवल तकनीकी श्रेष्ठता को दर्शाती है, बल्कि भारत को वैश्विक रणनीतिक ताकतों की सूची में और ऊपर ले जाती है।