
Report By: Kiran Prakash Singh
9/11 हमले की 25वीं बरसी पर PM मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के पीड़ित के रूप में भारत दशकों से आगे रहा है।
———————————————————————————————————————————————————————————-
9/11 की 25वीं बरसी पर PM मोदी ने आतंकवाद पर दिया संदेश
अमेरिका में हुए 9/11 आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को दोहराया। पीएम मोदी ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए हमलों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता जताते हुए कहा कि आतंकवाद ने दुनियाभर में अनगिनत लोगों की जान ली है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में खास तौर पर सीमा पार आतंकवाद का जिक्र किया और कहा कि इसके पीड़ित के रूप में भारत कई दशकों से इस लड़ाई में सबसे आगे रहा है। उनके इस बयान को पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए देखा जा रहा है।
हमले में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने 9/11 मेमोरियल एंड म्यूजियम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों को 25 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री ने उन परिवारों के साथ भी एकजुटता व्यक्त की, जिनकी जिंदगी इस भयावह घटना के बाद हमेशा के लिए बदल गई। 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए हमलों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था और इसके बाद वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अभियान तेज हुआ।
‘भारत कई दशकों से लड़ाई में सबसे आगे’
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में आतंकवाद ने अनगिनत लोगों की जान ली है। उन्होंने कहा कि सीमा पार आतंकवाद के पीड़ित के रूप में भारत कई दशकों से इस लड़ाई में सबसे आगे रहा है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत लगातार आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात करता रहा है। पीएम मोदी ने अपने संदेश में किसी देश का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन सीमा पार आतंकवाद का उल्लेख होने के कारण इसे पाकिस्तान के संदर्भ में देखा जा रहा है।
आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ संकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद का खतरा लगातार बदल रहा है, लेकिन इसके हर रूप और स्वरूप के खिलाफ भारत का संकल्प अडिग है।
उन्होंने आतंकवाद से निपटने के सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़े रहने की बात कही। भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने और आतंकियों को समर्थन देने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग करता रहा है।
पीएम मोदी के बयान में आतंकवाद के बदलते स्वरूप को लेकर भी चिंता जाहिर की गई। उनका संदेश यह रहा कि आतंकवाद चाहे किसी भी रूप में सामने आए, उसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर मजबूती से कार्रवाई जरूरी है।
ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में मारा गया था
9/11 हमलों के बाद अमेरिका ने अल-कायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन को लंबे समय तक तलाशा। अमेरिकी सेना ने 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में कार्रवाई कर उसे मार गिराया था।
ओसामा के पाकिस्तान में पाए जाने की घटना ने आतंकवाद और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े किए थे। भारत भी पाकिस्तान पर आतंकवादियों और आतंकी संगठनों को समर्थन देने के आरोप लगाता रहा है।
भारत का आरोप है कि पाकिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी नेटवर्कों ने भारत के खिलाफ कई हमलों को अंजाम दिया। पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
भारत ने बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर का दिया उदाहरण
भारत ने आतंकवादी हमलों के जवाब में कई बार सैन्य कार्रवाई की है। वर्ष 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी।
इसके बाद वर्ष 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई की। भारत ने इसे आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई बताया था।
इन कार्रवाइयों के साथ भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी आतंकवाद के खिलाफ अपना पक्ष रखता रहा है। 9/11 की 25वीं बरसी पर पीएम मोदी का बयान भी इसी व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
दिनांक: 11 सितंबर 2026
digitallivenews.com