
Report By: Kiran Prakash Singh
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने 708 रन बनाए हैं। अगर मुकाबला ड्रॉ होता है तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को चैंपियन बनाया जाएगा।
Digital Live News | 8 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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दलीप ट्रॉफी फाइनल ड्रॉ हुआ तो किसे मिलेगी ट्रॉफी? जानें पूरा नियम
चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाकर मुकाबले में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाकर टीम के बड़े स्कोर में अहम योगदान दिया। मैच के तीसरे दिन साउथ जोन अपनी पहली पारी खेल रही है।
ईस्ट जोन के इतने बड़े स्कोर के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर कप्तान ने पारी घोषित क्यों नहीं की। दरअसल, इसके पीछे दलीप ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों से जुड़े नियम अहम भूमिका निभाते हैं।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए 708 रन
ईस्ट जोन ने मुकाबले की पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम के लिए ईशान किशन ने 270 रन बनाए। उनकी पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। कुमार कुशाग्र ने भी शतक लगाकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद की।
इससे पहले वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर टीम को अच्छी शुरुआत दी थी। अभिमन्यु ने 72 रन बनाए, जबकि वैभव सूर्यवंशी 44 रन बनाकर आउट हुए।
पारी घोषित नहीं करने के पीछे क्या है वजह?
ईस्ट जोन के 708 रन तक पहुंचने के बाद कई क्रिकेट प्रशंसकों के मन में सवाल उठा कि टीम ने 500 या 550 रन पर पारी घोषित क्यों नहीं की। सामान्य तौर पर कप्तान विपक्षी टीम के सभी विकेट लेने के लिए पर्याप्त समय बचाने के लिए पारी घोषित करने का फैसला कर सकता है।
लेकिन नॉकआउट मुकाबले के नियम यहां काफी महत्वपूर्ण हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे रेड-बॉल टूर्नामेंट के फाइनल में मैच ड्रॉ होने की स्थिति में पहली पारी की बढ़त निर्णायक भूमिका निभाती है। ऐसे में ईस्ट जोन के लिए बड़ा स्कोर बनाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था।
ड्रॉ हुआ तो पहली पारी की बढ़त बनेगी निर्णायक
दलीप ट्रॉफी के फाइनल को लेकर नियम स्पष्ट है। अगर मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त होता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को विजेता घोषित किया जाता है। दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित करने का प्रावधान नहीं है।
इसका सीधा फायदा फिलहाल ईस्ट जोन को मिलता दिखाई दे रहा है। उसने पहली पारी में 708 रन बनाए हैं। अगर साउथ जोन की पहली पारी 707 रन या उससे कम पर समाप्त होती है और मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो ईस्ट जोन को चैंपियन घोषित किया जाएगा।
साउथ जोन पर बढ़त हासिल करने की चुनौती
मैच के तीसरे दिन साउथ जोन की पारी जारी है। शुरुआती चरण में उसके दो विकेट 70 रन के स्कोर पर गिर चुके थे। ऐसे में टीम के सामने सबसे पहली चुनौती ईस्ट जोन के 708 रन के स्कोर के करीब पहुंचने की है।
अगर साउथ जोन 708 रन का आंकड़ा पार कर पहली पारी में बढ़त हासिल कर लेती है, तो ड्रॉ की स्थिति में समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। इसलिए आने वाले खेल में पहली पारी का स्कोर बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
ईशान किशन का शानदार फॉर्म जारी
फाइनल में 270 रनों की पारी खेलने वाले ईशान किशन के फॉर्म की भी जमकर चर्चा हो रही है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि खुद को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की। टीम से बाहर रहने के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि आखिरकार खिलाड़ी का काम रन बनाना है और यही चीज करियर में मदद करती है।
अब दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन की नजरें जीत पर हैं, जबकि साउथ जोन मुकाबले को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अगर पांच दिन का यह मुकाबला ड्रॉ रहता है, तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम के पक्ष में ट्रॉफी का फैसला होगा।
Digital Live News | 8 सितंबर 2026
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