
Report By: Kiran Prakash Singh
BCCI वैभव सूर्यवंशी के लॉन्ग टर्म करियर पर खास नजर रख रहा है। बोर्ड चाहता है कि वह सचिन तेंदुलकर जैसे लंबे और सफल क्रिकेट करियर के लिए तैयार हों।
Digital Live News | 4 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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वैभव के भविष्य को लेकर BCCI की खास रणनीति, सचिन जैसी लंबी पारी पर नजर
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 15 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले इस युवा बल्लेबाज के भविष्य को लेकर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी लंबी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। बोर्ड का लक्ष्य सिर्फ वैभव से तत्काल प्रदर्शन हासिल करना नहीं है, बल्कि उन्हें लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करने के लिए तैयार करना है।
गुरुवार को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में हुई हाई लेवल समीक्षा बैठक में भी वैभव सूर्यवंशी के लॉन्ग टर्म फ्यूचर प्लान पर चर्चा हुई। बैठक के बाद BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने पत्रकारों से बातचीत में बोर्ड की रणनीति का खुलासा किया।
सचिन तेंदुलकर जैसा लंबा करियर चाहते हैं
देवजीत सैकिया ने कहा कि BCCI वैभव सूर्यवंशी को बेहद गंभीरता से ले रहा है। बोर्ड चाहता है कि वैभव या उनकी उम्र के अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान क्रिकेटरों की तरह लंबे समय तक देश का प्रतिनिधित्व करें।
सैकिया के मुताबिक बोर्ड वैभव के इंटरनेशनल करियर के हर कदम और हर पहलू पर नजर रख रहा है। उन्होंने साफ किया कि बोर्ड युवा खिलाड़ी से तुरंत बड़े नतीजे हासिल करने के बजाय उसके भविष्य को सुरक्षित करने पर ध्यान दे रहा है।
एक-दो सीरीज नहीं, लंबी पारी पर फोकस
BCCI सचिव ने कहा कि बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वैभव अपने करियर में हर कदम सही तरीके से उठाएं। बोर्ड नहीं चाहता कि युवा बल्लेबाज केवल एक-दो सीरीज या एक साल की सफलता के कारण चर्चा में आए और फिर प्रदर्शन का दबाव बढ़ जाए।
इसी वजह से वैभव के विकास, ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और करियर मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बोर्ड की कोशिश है कि कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके क्रिकेट विकास में बाधा न बने।
सिर्फ वैभव नहीं, 10-15 युवा खिलाड़ियों पर नजर
देवजीत सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि BCCI की योजना सिर्फ वैभव सूर्यवंशी तक सीमित नहीं है। बोर्ड की नजर 10 से 15 युवा खिलाड़ियों पर भी बनी हुई है।
इन खिलाड़ियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के जरिए मॉनिटर किया जा रहा है। BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण इन खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े हुए हैं। बोर्ड का उद्देश्य कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें सही दिशा देना है।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में खेलेंगे वैभव?
वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह भारत में उनकी पहली इंटरनेशनल सीरीज होगी। सीरीज का पहला मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाना है।
हालांकि इससे पहले दलीप ट्रॉफी का फाइनल भी होना है। वैभव की टीम ईस्ट जोन ने फाइनल में जगह बना ली है। फाइनल मुकाबला रविवार, 6 सितंबर से शुरू होगा। ऐसे में सवाल है कि क्या वैभव इस मुकाबले में खेलेंगे?
देवजीत सैकिया ने बताया कि इस संबंध में फैसला हेड कोच गौतम गंभीर करेंगे। यानी वैभव की उपलब्धता और उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
युवा प्रतिभा को संभालना BCCI की बड़ी चुनौती
वैभव सूर्यवंशी की कम उम्र और तेजी से बढ़ी लोकप्रियता ने भारतीय क्रिकेट में उम्मीदें बढ़ा दी हैं। ऐसे में BCCI के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन्हें लगातार क्रिकेट खेलने के साथ-साथ सही तरीके से विकसित करने की है।
बोर्ड का लॉन्ग टर्म प्लान इसी दिशा में दिखाई दे रहा है। अगर वैभव को उचित मार्गदर्शन, ट्रेनिंग और लगातार बेहतर होने का माहौल मिलता है, तो वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के लिए अहम खिलाड़ी बन सकते हैं। फिलहाल BCCI का संदेश साफ है—वैभव से जल्दबाजी में नतीजे नहीं, बल्कि लंबे और सफल करियर की तैयारी कराई जाएगी।
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