
Report By: Kiran Prakash Singh
पश्चिम बंगाल बार काउंसिल चुनाव में TMC ने 23 में से 15 सीटें जीतीं। BJP और लेफ्ट को 3-3, जबकि कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार चुनौतियों का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए बार काउंसिल चुनाव के नतीजे राहत लेकर आए हैं। पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की 23 निर्वाचित सीटों में TMC ने 15 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं बीजेपी और लेफ्ट फ्रंट को तीन-तीन सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस के खाते में दो सीटें आईं।
इन नतीजों ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर से अलग एक तस्वीर पेश की है। विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी के मजबूत प्रदर्शन के बावजूद बार काउंसिल चुनाव में उसका प्रदर्शन सीमित रहा। इससे वकीलों के एक वर्ग के बीच TMC के प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
TMC को 15, BJP और लेफ्ट को 3-3 सीटें
बार काउंसिल की कुल 23 निर्वाचित सीटों में TMC ने 15 सीटों पर कब्जा किया। बीजेपी और लेफ्ट फ्रंट ने तीन-तीन सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत हासिल की।
महिला उम्मीदवारों के लिए पांच सीटें आरक्षित थीं। इनमें TMC ने चार सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एक सीट कांग्रेस के खाते में गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक बार काउंसिल ऑफ इंडिया महिला सदस्यों में से दो अतिरिक्त सदस्यों को नामित करेगा। इसके बाद पश्चिम बंगाल बार काउंसिल की कुल सदस्य संख्या 25 हो जाएगी।
75 उम्मीदवारों ने चुनाव में आजमाई किस्मत
इस चुनाव में कुल 75 उम्मीदवार मैदान में थे। TMC ने 23 उम्मीदवार उतारे थे, जबकि बीजेपी की ओर से 22 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। लेफ्ट फ्रंट ने 12 उम्मीदवार उतारे और 18 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अपनी किस्मत आजमाई।
बीजेपी ने पिछली बार के प्रदर्शन को दोहराते हुए तीन सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस ने भी अपनी पिछली दो सीटें बरकरार रखीं। वहीं लेफ्ट फ्रंट को इस चुनाव में एक सीट का नुकसान हुआ। पिछली बार उसके चार उम्मीदवार चुनाव जीते थे, जबकि इस बार यह संख्या घटकर तीन रह गई।
TMC खेमे में जश्न, सुभाषिस चक्रवर्ती की बड़ी जीत
नतीजे घोषित होने के बाद TMC खेमे में जश्न का माहौल देखने को मिला। तृणमूल लॉयर्स सेल से जुड़े सुभाषिस चक्रवर्ती सबसे बड़े अंतर से जीतने वाले उम्मीदवारों में प्रमुख रहे।
इसके अलावा बैसोनोर चटर्जी, अंसार मंडल, अशोक देब, इंद्रनील बसु और सिद्धार्थ मुखर्जी समेत कई अन्य TMC उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की। पार्टी समर्थकों ने परिणाम को संगठन की मजबूती और वकीलों के बीच अपने प्रभाव के तौर पर देखा।
जिला अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों ने किया मतदान
चुनाव में राज्य की अलग-अलग जिला अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों ने मतदान किया। TMC के लॉयर्स सेल से जुड़े संजय बर्धन के मुताबिक राज्य बार काउंसिल के गठन के लिए जिला अदालतों में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं ने मतदान किया।
नए नियमों के तहत बार काउंसिल में 23 निर्वाचित सीटें हैं, जिनमें पांच सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं। TMC ने इन आरक्षित सीटों में से चार पर जीत हासिल की।
विधानसभा चुनाव के नतीजों से अलग तस्वीर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में TMC को कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे समय में बार काउंसिल चुनाव में पार्टी का मजबूत प्रदर्शन उसके लिए राजनीतिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि बार काउंसिल चुनाव और विधानसभा चुनाव का दायरा और मतदाता वर्ग अलग है, इसलिए दोनों चुनावों के नतीजों की सीधी तुलना करना उचित नहीं होगा। फिर भी इन परिणामों ने पश्चिम बंगाल के वकील समुदाय के बीच राजनीतिक संगठनों के प्रभाव को लेकर चर्चा जरूर बढ़ा दी है।
TMC के लिए 15 सीटों की जीत संगठनात्मक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जबकि बीजेपी के तीन सीटों तक सीमित रहने और लेफ्ट के प्रदर्शन में कमी ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
डिजिटल लाइव न्यूज | 20 अगस्त 2026
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