
Report By: Kiran Prakash Singh
टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने दावा किया कि 7-8 बागी सांसद दबाव में पार्टी छोड़कर गए हैं और एनडीए में नहीं जाना चाहते। अबू ताहेर खान के बयान से सियासत गरमा गई।
TMC का दावा- 7 से 8 बागी सांसद लौटना चाहते हैं, सियासत तेज
📅 05 अगस्त 2026 | 🌐 digitallivenews.com
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर एनसीपीआई में गए बागी सांसदों को लेकर पार्टी नेता कीर्ति आजाद ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि बागी गुट के 7 से 8 सांसद ऐसे हैं जो अपनी इच्छा से पार्टी नहीं छोड़ना चाहते थे और अब भी एनडीए का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं हैं। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कीर्ति आजाद का बड़ा दावा, दबाव में गए कई सांसद
टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि बागी सांसदों पर भारी दबाव बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों और उनके परिवारों को डराया-धमकाया गया, यहां तक कि मारपीट जैसी घटनाएं भी हुईं।
उन्होंने कहा कि ऐसे 7 से 8 सांसद हैं जो मौजूदा स्थिति से खुश नहीं हैं और वे एनडीए गठबंधन का हिस्सा नहीं बनना चाहते। उनके अनुसार, इन सांसदों की राजनीतिक स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है।
एनसीपीआई को लेकर भी उठाए सवाल
कीर्ति आजाद ने एनसीपीआई की वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है और इसी वजह से कई संवैधानिक और संसदीय प्रक्रियाओं में दिक्कत आ रही है।
उन्होंने दावा किया कि स्पीकर के सामने भी दस्तावेजों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उनके अनुसार, टीएमसी ही बंगाल की मजबूत राजनीतिक ताकत है और पार्टी की एकमात्र नेता ममता बनर्जी हैं।
अबू ताहेर खान के बयान से बढ़ी हलचल
राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब बागी सांसद अबू ताहेर खान ने साफ कहा कि वह न तो बीजेपी में जा रहे हैं और न ही एनडीए का हिस्सा हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई एनडीए सहयोगी दलों की बैठक में वह शामिल नहीं हुए। उनके साथ खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान भी बैठक से दूर रहे।
हालांकि अबू ताहेर खान ने यह भी कहा कि वह अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर मुख्यमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में जरूर शामिल होंगे।
मुसलमानों से जुड़े मुद्दों पर दिया बड़ा संदेश
अबू ताहेर खान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ किसी भी कदम का समर्थन नहीं करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अपने क्षेत्र का विकास और जनता के हित हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक बागी गुट के भीतर मतभेदों का संकेत मान रहे हैं।
इसी बयान के बाद टीएमसी नेताओं ने दावा करना शुरू कर दिया कि कई सांसद दोबारा पार्टी में लौटने की इच्छा जता रहे हैं।
दिलीप घोष ने भी की थी वापसी की बात
इससे पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष भी दावा कर चुके हैं कि कई बागी सांसद और विधायक दोबारा तृणमूल कांग्रेस में लौटना चाहते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस का इस्तेमाल कर नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, कई नेता अब भी ममता बनर्जी के संपर्क में हैं और उचित समय आने पर वापसी कर सकते हैं।
हालांकि इन दावों पर अभी तक बागी सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल की राजनीति में टीएमसी, एनसीपीआई और एनडीए के बीच जारी खींचतान लगातार नए मोड़ ले रही है। कीर्ति आजाद के दावे और अबू ताहेर खान के बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वास्तव में 7 से 8 बागी सांसद टीएमसी में वापसी करते हैं या मौजूदा राजनीतिक समीकरण बरकरार रहते हैं। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।