
Report By: Kiran Prakash Singh
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद देर रात जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक आंदोलन के समर्थन में कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। 20 जुलाई के संसद मार्च पर भी चर्चा हुई।
digitallivenews.com | 19 जुलाई 2026
सोनम वांगचुक आंदोलन के बीच देर रात जंतर-मंतर पहुंचे चंद्रशेखर आजाद, संसद मार्च को लेकर बनाई रणनीति
रात 2:30 बजे पहुंचे, सुबह 5 बजे तक रहे मौजूद
भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद शनिवार देर रात करीब 2:30 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे। यहां उन्होंने आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात की तथा सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और आंदोलन की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। बताया गया कि वह सुबह लगभग 5 बजे तक प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
आंदोलनकारियों से की लंबी बातचीत
चंद्रशेखर आजाद ने वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों, छात्रों और आंदोलन से जुड़े लोगों से विस्तार से बातचीत की। चर्चा का मुख्य विषय सोनम वांगचुक की सेहत, आंदोलन की दिशा और आगामी कार्यक्रम रहे। उनके इस दौरे को विपक्षी दलों की बढ़ती सक्रियता के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर किसी नए कार्यक्रम की घोषणा नहीं की।
अस्पताल में भर्ती हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक को हाल ही में दिल्ली पुलिस स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराकर चिकित्सा निगरानी में रखा है। अस्पताल के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वांगचुक की टीम ने अस्पताल में उनकी मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह कदम उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया।
अस्पताल से वांगचुक का संदेश
अस्पताल से जारी अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने अपने संदेश में इसे “भय मुक्त भारत” और “अन्याय मुक्त भारत” का अभियान बताया तथा लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया।
20 जुलाई के संसद मार्च पर सबकी नजर
आंदोलन से जुड़े संगठनों ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई का ‘चलो संसद’ मार्च पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित करने की तैयारी जारी है। चंद्रशेखर आजाद के देर रात जंतर-मंतर पहुंचने के बाद इस आंदोलन को और राजनीतिक समर्थन मिलने की चर्चा तेज हो गई है। दूसरी ओर, प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है। अब सभी की निगाहें 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।