अयोध्या केस: वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से किया इनकार

Report By: Kiran Prakash Singh

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लिया। अब वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे, 8 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

Published Date: 29 जून 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: अयोध्या के वकीलों ने आरोपियों की पैरवी से किया इनकार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को अब अयोध्या में कानूनी मदद मिलना मुश्किल हो गया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने एक अहम फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में कोई भी अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। यह निर्णय जिले के वकीलों की आम सहमति के बाद लिया गया है।

बार एसोसिएशन के इस फैसले ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां कानूनी प्रक्रिया और सामाजिक भावना दोनों पर चर्चा तेज हो गई है।

बार एसोसिएशन का बड़ा फैसला

बार एसोसिएशन के सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी की घटना से सभी अधिवक्ता आहत हैं। इसी कारण अधिकांश वकीलों ने यह सहमति जताई है कि वे आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे।

उन्होंने बताया कि इस विषय पर अंतिम निर्णय आम सभा की बैठक में लिया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि कोई भी अधिवक्ता इस मामले में पैरवी नहीं करेगा।

पहले भी लिया जा चुका है ऐसा फैसला

अधिवक्ताओं ने यह भी याद दिलाया कि वर्ष 2005 में भी अयोध्या के वकीलों ने इसी तरह का निर्णय लिया था। उस समय राम जन्मभूमि परिसर पर हुए आतंकी हमले के आरोपियों की पैरवी से इनकार किया गया था।

इससे यह संकेत मिलता है कि अयोध्या बार एसोसिएशन कई बार संवेदनशील मामलों में सामूहिक रुख अपनाता रहा है।

वकीलों में गुस्सा और नाराजगी

कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस को यह कार्रवाई अधिक पारदर्शी तरीके से करनी चाहिए थी।

वकीलों का यह भी कहना है कि इस घटना से अयोध्या की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिसे लेकर वे बेहद चिंतित हैं।

कड़ी कार्रवाई की मांग

कई अधिवक्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ ने यहां तक कहा कि इस मामले में बुलडोजर नीति के तहत कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस मामले ने स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था और नैतिक जिम्मेदारी को लेकर भी बहस छेड़ दी है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सभी आठ आरोपियों के घरों पर छापेमारी की गई है और महत्वपूर्ण दस्तावेज व साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और संभावना है कि पुलिस आगे की जांच के लिए उनकी रिमांड की मांग करेगी। जांच में कई वित्तीय लेन-देन और संपत्ति संबंधी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

मामले का बढ़ता दायरा

यह मामला अब केवल चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलू भी जुड़ते जा रहे हैं। वकीलों के फैसले के बाद यह केस और अधिक जटिल हो गया है।

आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर पूरे मामले की दिशा निर्भर करेगी।

Source: digitallivenews.com

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