मार्केट वैल्यू में भारत 7वें स्थान पर, क्या हैं वजहें?

Report By: Kiran Prakash Singh

स्टॉक मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत 7वें स्थान पर पहुंचा। ताइवान और साउथ कोरिया ने बढ़त बनाई, निवेश और AI सेक्टर बना बड़ा कारण।

स्टॉक मार्केट वैल्यू में भारत 7वें स्थान पर, ताइवान और साउथ कोरिया निकले आगे

Digital Live News | 03 जून 2026

वैश्विक रैंकिंग में भारत को लगा झटका

वैश्विक शेयर बाजारों की रैंकिंग में भारत को हाल के दिनों में झटका लगा है। मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) के आधार पर भारत अब दुनिया का सातवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बन गया है। हाल ही में पहले ताइवान और अब साउथ कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ दिया है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार अमेरिका 79.47 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ पहले स्थान पर है, जबकि चीन दूसरे और जापान तीसरे स्थान पर बना हुआ है। साउथ कोरिया का मार्केट कैप 5.04 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जबकि भारत का बाजार मूल्य 4.84 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया है।

एक सप्ताह में दो पायदान नीचे आया भारत

विशेषज्ञों के अनुसार भारत की रैंकिंग में यह गिरावट काफी तेजी से हुई है। महज एक सप्ताह के भीतर भारत दो स्थान नीचे खिसक गया। पहले ताइवान ने बढ़त बनाई और उसके बाद साउथ कोरिया ने भी भारत को पीछे छोड़ दिया।

हालांकि बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि शेयर बाजार की रैंकिंग लगातार बदलती रहती है और इसमें निवेश प्रवाह, मुद्रा विनिमय दर और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों की बड़ी भूमिका होती है। इसलिए किसी एक समय की रैंकिंग को स्थायी स्थिति नहीं माना जा सकता।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी बड़ा कारण

भारत के शेयर बाजार में हाल के महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली चर्चा का विषय रही है। जब विदेशी निवेशक किसी बाजार से पूंजी निकालते हैं तो बाजार पूंजीकरण और निवेशक विश्वास दोनों पर असर पड़ सकता है।

इसके साथ ही रुपये की कमजोरी भी एक महत्वपूर्ण कारक मानी जा रही है। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट आने से विदेशी निवेशकों के लिए निवेश का वास्तविक रिटर्न प्रभावित हो सकता है। हालांकि सरकार और आर्थिक विशेषज्ञ लगातार यह दावा करते रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर से ताइवान-साउथ कोरिया को फायदा

ताइवान और साउथ कोरिया की बढ़त के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर उद्योग को माना जा रहा है। दुनिया भर में AI आधारित तकनीकों की मांग बढ़ने से इन देशों की प्रमुख टेक कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी आई है।

ताइवान की चिप निर्माण कंपनियां और साउथ कोरिया की टेक्नोलॉजी दिग्गज कंपनियां वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इसी वजह से दोनों देशों के शेयर बाजारों का कुल मूल्य तेजी से बढ़ा है और उन्होंने वैश्विक रैंकिंग में बढ़त हासिल की है।

GDP में भारत की स्थिति अब भी मजबूत

शेयर बाजार की रैंकिंग में गिरावट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत लगभग 4.15 ट्रिलियन डॉलर की GDP के साथ दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

अमेरिका, चीन, जर्मनी, जापान और यूनाइटेड किंगडम के बाद भारत छठे स्थान पर है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत की युवा आबादी, बढ़ता उपभोग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में निवेश भविष्य में आर्थिक वृद्धि के प्रमुख आधार बने रहेंगे।

हालांकि शेयर बाजार और GDP दो अलग-अलग आर्थिक संकेतक हैं। शेयर बाजार निवेशकों की धारणा और कंपनियों के मूल्यांकन को दर्शाता है, जबकि GDP किसी देश की कुल आर्थिक गतिविधि को मापता है। इसलिए दोनों की तुलना करते समय इन अंतर को समझना आवश्यक है।

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