
Report By: Kiran Prakash Singh
TMC नेता अभिषेक बनर्जी को KMC ने आवास निर्माण नियमों के उल्लंघन पर नोटिस भेजा। पहले FIR और अब सुरक्षा भी वापस ली गई।
DigitalLiveNews.com
दिनांक: 19 मई 2026
बंगाल में अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, KMC का नोटिस
सत्ता परिवर्तन के बाद TMC नेता को दूसरा बड़ा झटका
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद Abhishek Banerjee की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। पहले चुनावी भाषण और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah पर टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज हुई और अब कोलकाता नगर निगम (KMC) ने उन्हें आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस कोलकाता के कालीघाट रोड और हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके आवासों से जुड़ा बताया जा रहा है।
KMC ने निर्माण कार्यों पर उठाए सवाल
कोलकाता नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, दोनों आवासों के निर्माण में नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। निगम ने यह कार्रवाई कोलकाता नगर निगम अधिनियम की धारा 401 के तहत की है।
निगम यह जांच कर रहा है कि क्या निर्माण कार्यों के दौरान सभी शहरी मानकों और बिल्डिंग बायलॉज का पालन किया गया था या नहीं। नोटिस में पूछा गया है कि क्या किसी अतिरिक्त निर्माण या विस्तार के लिए पहले निगम से अनुमति ली गई थी। साथ ही अभिषेक बनर्जी को दोनों भवनों की स्वीकृत Building Plan पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
धारा 401 के तहत निगम को मिले हैं अधिकार
KMC अधिनियम की धारा 401 के तहत नगर निगम को यह अधिकार है कि वह किसी भी संदिग्ध या अवैध निर्माण की जांच कर सके और संबंधित दस्तावेज मांग सके। यदि निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो आगे कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
नोटिस जारी होने के बाद कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस या अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR
इससे पहले Abhishek Banerjee के खिलाफ बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ बयान दिए और अमित शाह को लेकर विवादित टिप्पणी की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक परिस्थितियों के बाद विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई तेज हो सकती है। इस मामले को लेकर भाजपा और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
‘जेड प्लस’ सुरक्षा हटने के बाद बढ़ी चर्चा
अभिषेक बनर्जी को हाल ही में एक और बड़ा झटका तब लगा था जब उनकी ‘Z Plus Security’ वापस लेने का फैसला किया गया। पिछले कई वर्षों से उन्हें यह उच्चस्तरीय सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद उनकी सुरक्षा में कटौती शुरू हुई और अब पूरी तरह सुरक्षा वापस ले ली गई है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को और गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर TMC की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।