पाढ़म में लौटा महाभारत कालीन वैभव, हुआ लोकार्पण

Report By: Kiran Prakash Singh

फिरोजाबाद के पाढ़म में परीक्षित कुंड समेत 4.32 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण हुआ। महाभारत कालीन धरोहर को मिलेगी नई पहचान।

Date: 18 May 2026
Website: DigitalLiveNews.com

पाढ़म में लौट रहा महाभारत कालीन वैभव, परीक्षित कुंड का हुआ लोकार्पण

राजा परीक्षित की नगरी को मिला नया स्वरूप

फिरोजाबाद जिले के जसराना क्षेत्र स्थित पाढ़म में महाभारत कालीन धरोहरों को नया जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने रविवार को यहां करीब 4.32 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहे परीक्षित कुंड और आसपास के क्षेत्र को अब आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे इस ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

महाभारत काल से जुड़ी है पाढ़म की ऐतिहासिक पहचान

पाढ़म को महाभारत कालीन इतिहास से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि यह स्थल राजा परीक्षित और उनके पुत्र महाराज जनमेजय से जुड़ा हुआ है।
कहा जाता है कि राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जनमेजय ने इसी भूमि पर प्रसिद्ध नाग यज्ञ कराया था। इस यज्ञ का उद्देश्य नागवंश के विनाश का प्रतिशोध लेना था।
परीक्षित टीला और यहां स्थित प्राचीन कुंड आज भी उस ऐतिहासिक काल की याद दिलाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां मौजूद प्राचीन कुएं की गहराई सात कुओं के बराबर मानी जाती थी और धार्मिक अनुष्ठानों में इसी जल का उपयोग किया जाता था।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बढ़ाई गई सुविधाएं

पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। पाढ़म स्थित परीक्षित कुंड परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं।
यहां सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है। सरकार का उद्देश्य इन धरोहरों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां पहुंच सकें।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

अन्य धार्मिक स्थलों पर भी शुरू हुई विकास परियोजनाएं

कार्यक्रम के दौरान पर्यटन मंत्री ने कई अन्य परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास किया। रामलीला मैदान खेरिया में करीब 1.89 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए कार्यों का उद्घाटन किया गया।
इसके अलावा जखईया महाराज मंदिर परिसर में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से पर्यटन विकास और सुंदरीकरण कार्यों का भूमि पूजन भी किया गया।
मंत्री ने कहा कि जसराना तहसील के अन्य धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी पर्यटन मानचित्र पर लाने की योजना बनाई जा रही है।

बाईपास और स्मारक निर्माण की उठी मांग

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने मंत्री के सामने नगर में बढ़ते जाम और प्रदूषण की समस्या को भी उठाया। लोगों ने कहा कि बाईपास निर्माण से इस समस्या का समाधान हो सकता है।
साथ ही बलिदानी अग्निवीर अतुल कुमार की स्मृति में स्मारक और पार्क बनाने के लिए भूमि आवंटन की मांग भी रखी गई। बलिदानी के पिता तुकमान सिंह ने मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए इस दिशा में कार्रवाई की अपील की।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, पूर्व विधायक रामगोपाल पप्पू लोधी समेत कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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