सोने के आयात पर सख्ती, सरकार ने बदले बड़े नियम

Report By: Kiran Prakash Singh

सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट नियम सख्त किए। अब एक बार में सिर्फ 100 किलो सोना आयात होगा, हर 15 दिन में रिपोर्ट देना जरूरी।

सोने के आयात पर सरकार सख्त, नियमों में बड़ा बदलाव

गोल्ड इंपोर्ट पर सरकार ने कसा शिकंजा

देश में लगातार बढ़ रहे सोने के आयात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। सरकार अब गोल्ड इंपोर्ट पर कड़ी निगरानी रखने के मूड में दिखाई दे रही है। विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी DGFT ने एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत सोने के आयात को लेकर नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब एक बार में अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा। इससे पहले इस योजना के तहत आयात की कोई तय सीमा नहीं थी। सरकार का मानना है कि इससे अनियंत्रित आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम में जोड़ी गईं नई शर्तें

अग्रिम मंजूरी योजना के तहत ज्वेलरी निर्यातकों को बिना शुल्क दिए सोना और अन्य कच्चा माल आयात करने की अनुमति मिलती है। इस योजना का इस्तेमाल मुख्य रूप से निर्यात के लिए ज्वेलरी और अन्य उत्पाद तैयार करने में किया जाता है। अब सरकार ने इस योजना में कई नई शर्तें जोड़ दी हैं। पहली बार आवेदन करने वाली हर यूनिट का फिजिकल निरीक्षण किया जाएगा। इसके जरिए यह जांच होगी कि यूनिट वास्तव में मौजूद है या नहीं, उसकी उत्पादन क्षमता कितनी है और वह सक्रिय स्थिति में है या नहीं। सरकार का उद्देश्य फर्जी कंपनियों और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

सरकार ने अब रिपोर्टिंग सिस्टम को भी पहले से ज्यादा सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत निर्यातकों को हर 15 दिन में आयात और निर्यात से जुड़ी रिपोर्ट जमा करनी होगी। यह रिपोर्ट किसी स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नया आयात लाइसेंस तभी जारी किया जाएगा, जब संबंधित निर्यातक अपने पहले मिले लक्ष्य का कम से कम 50 प्रतिशत निर्यात पूरा कर चुका हो। सरकार का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजना का दुरुपयोग कम होगा।

सोने-चांदी पर बढ़ाया गया आयात शुल्क

सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी पर आयात शुल्क में भी भारी बढ़ोतरी की है। 13 मई 2026 से सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं प्लैटिनम पर शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में गैर-जरूरी आयात को सीमित करना जरूरी हो गया है। इससे देश के व्यापार संतुलन को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

क्या होगा आम लोगों और बाजार पर असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों का असर ज्वेलरी कारोबार और सोने की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। आयात पर पाबंदियां और शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में सोना महंगा हो सकता है। वहीं ज्वेलरी उद्योग को भी नई प्रक्रियाओं और सख्त निगरानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि सरकार का दावा है कि इन फैसलों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन नए नियमों का गोल्ड मार्केट और आम ग्राहकों पर कितना असर पड़ता है।

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