
Report By: Kiran Prakash Singh
तमिलनाडु चुनाव 2026 में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनी। कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का फैसला किया, जिससे सरकार गठन की राह लगभग साफ हो गई।
🗳️ तमिलनाडु में कांग्रेस का बड़ा फैसला, विजय को समर्थन
🔴 TVK की ऐतिहासिक जीत से बदली राजनीति
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। C. Joseph Vijay की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
234 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए, यानी TVK सिर्फ 10 सीट पीछे रह गई।
👉 यह नतीजा दशकों से चली आ रही DMK और AIADMK की राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
🟡 कांग्रेस का समर्थन, सरकार की राह आसान
चुनाव नतीजों के बाद Rahul Gandhi और कांग्रेस ने बड़ा फैसला लेते हुए TVK को समर्थन देने का संकेत दिया है।
- कांग्रेस ने TVK को पोस्ट-पोल सपोर्ट देने का फैसला किया
- यह फैसला DMK से दूरी बनाकर लिया गया
- गठबंधन का उद्देश्य “सांप्रदायिक ताकतों को रोकना” बताया गया
👉 इससे TVK के लिए सरकार बनाना लगभग आसान हो गया है।
⚠️ DMK के साथ रिश्तों में दरार
कांग्रेस का यह फैसला सियासी हलकों में हलचल मचा रहा है।
- DMK ने इसे “पीठ में छुरा” बताया
- INDIA गठबंधन में दरार के संकेत
- विपक्षी राजनीति में नया समीकरण
👉 साफ है कि यह गठबंधन सिर्फ राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
🏛️ सरकार बनाने की गणित
TVK के पास 108 सीटें हैं और बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा जरूरी है।
👉 ऐसे में:
- कांग्रेस (कुछ सीटें)
- वाम दल और अन्य सहयोगी
के समर्थन से सरकार बन सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विजय राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा भी पेश कर चुके हैं।
🚀 विजय की एंट्री: नई राजनीति की शुरुआत
विजय की राजनीति में एंट्री को “गेम चेंजर” माना जा रहा है।
- सोशल मीडिया और युवा वोटरों पर मजबूत पकड़
- पारंपरिक राजनीति को चुनौती
- नई विचारधारा और एजेंडा
👉 यह जीत दिखाती है कि तमिलनाडु में अब नई पीढ़ी की राजनीति उभर रही है।
गठबंधन से बदलेगा सत्ता समीकरण
तमिलनाडु में कांग्रेस और TVK का गठबंधन एक बड़ा राजनीतिक मोड़ है।
👉 TVK की जीत + कांग्रेस का समर्थन
👉 DMK से दूरी + नया समीकरण
यह सब मिलकर राज्य में नई सरकार और नई राजनीति की शुरुआत कर सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह गठबंधन लंबे समय तक टिकेगा या राजनीति में फिर कोई नया मोड़ आएगा?