
Report By: Kiran Prakash Singh
फाल्टा सीट पर दोबारा मतदान के फैसले से सियासत गरमाई। अभिषेक बनर्जी ने BJP को खुली चुनौती दी, बयानबाजी तेज हो गई।
फाल्टा सीट पर री-पोल से बढ़ा सियासी घमासान
चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। 29 अप्रैल को हुई वोटिंग को रद्द कर दिया गया और अब 21 मई 2026 को दोबारा मतदान कराया जाएगा।
क्यों हुआ पुनर्मतदान?
चुनाव आयोग ने यह कदम गंभीर चुनावी अनियमितताओं और EVM से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद उठाया। रिपोर्ट्स में बताया गया कि मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
इस फैसले के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। TMC और BJP दोनों ही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है।
अभिषेक बनर्जी का तीखा बयान
तृणमूल कांग्रेस के नेता Abhishek Banerjee ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने BJP को खुली चुनौती देते हुए कहा कि
“अगर दम है तो फाल्टा से लड़कर दिखाओ, 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे”।
बीजेपी का पलटवार
वहीं BJP नेताओं ने भी इस मुद्दे पर जवाबी हमला किया है। पार्टी का कहना है कि यह फैसला चुनावी गड़बड़ियों का सबूत है और इससे TMC की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं।
फाल्टा सीट क्यों है अहम?
फाल्टा विधानसभा सीट डायमंड हार्बर क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जो TMC के लिए राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यही वजह है कि इस सीट पर हर बयान और हर कदम का बड़ा असर देखने को मिल रहा है।
अब सबकी नजरें री-पोल पर
अब पूरा फोकस 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान पर है। इसके बाद 24 मई को मतगणना होगी और तब यह साफ हो जाएगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।
फाल्टा सीट पर री-पोल ने बंगाल की राजनीति को और गरमा दिया है।
एक तरफ आरोप-प्रत्यारोप, दूसरी तरफ चुनौती और जवाब—इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।
📅 03/05/2026
✍️ digital livenews.com
इस सियासी जंग में अब असली फैसला जनता के वोट से ही होगा, लेकिन फिलहाल बयानबाजी और टकराव अपने चरम पर है।