देवरिया: शिक्षक आत्महत्या मामले में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, 20 लाख रिश्वत का था आरोप

Report By: Kiran Prakash Singh

देवरिया शिक्षक आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई: डीएम की रिपोर्ट पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित। 20 लाख की रिश्वत और प्रताड़ना का आरोप। विभागीय जांच शुरू।

देवरिया शिक्षक आत्महत्या मामला: बीएसए शालिनी श्रीवास्तव निलंबित, 20 लाख की रिश्वत और प्रताड़ना का आरोप

देवरिया/उत्तर प्रदेश: (digitallivenews) उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की सख्त संस्तुति पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन के इस कड़े रुख से पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

जनपद के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन गौरीबाजार में तैनात शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने 21 फरवरी 2026 को गोरखपुर स्थित अपने भाई के आवास पर फांसी लगाकर जान दे दी थी। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने एक भावुक वीडियो और चार पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था। शिक्षक ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और उनके पटल सहायक (बाबू) संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे।

शिक्षक का आरोप था कि वेतन बहाली के नाम पर उनसे 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। सुसाइड नोट के अनुसार, वह पहले ही 16 लाख रुपये दे चुके थे, लेकिन फिर भी उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

प्रशासनिक जांच और निलंबन

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने एक उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताएं और लापरवाही की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में शिथिलता बरती गई और लगभग एक वर्ष तक मामले में जानबूझकर ढिलाई की गई।

उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता और लापरवाही गंभीर कदाचार है। इसी के आधार पर शालिनी श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के तहत निलंबित कर दिया गया है।


विभागीय जांच के आदेश

शासन ने केवल निलंबन तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि मामले की गहराई से जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए उन्हें नियम-7 के तहत विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पुलिसिया कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

मृतक शिक्षक की पत्नी, गुड़िया देवी की शिकायत पर गोरखपुर के थाना गुलहरिया में बीएसए, बाबू संजीव सिंह और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ नामजद मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका है। जिलाधिकारी के निर्देश पर आरोपित बाबू को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।

मुख्य विकास अधिकारी (CDO) देवरिया, राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शासन के आदेशानुसार बीएसए को निलंबित कर दिया गया है और वर्तमान में डायट (DIET) प्राचार्य को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ताकि विभागीय कार्य प्रभावित न हों।

निष्कर्ष

भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की इस “जीरो टॉलरेंस” नीति ने विभाग के अन्य अधिकारियों को भी कड़ा संदेश दिया है। एक शिक्षक की जान जाने और लाखों रुपये की उगाही के इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में नैतिकता और ईमानदारी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें संयुक्त शिक्षा निदेशक की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।


Also Read

फिरोजाबाद में 55 बोरी नकली डीएपी बरामद

Priyanka Chopra Oscars 2026 में Presenter, Robert Downey Jr और Anne Hathaway भी शामिल

लाल किले में सुरक्षा में बड़ी चूक – 5 अवैध बांग्लादेशी गिरफ्तार, मॉक ड्रिल में फेल हुई पुलिस

“रश्मिका मंदाना का विजय देवरकोंडा को सलाम: ‘किंगडम’ ट्रेलर ने लूटा दिल”

Self Growth In Silence:जब हम अकेले होते हैं,तो हम खुद को समझ पाते हैं।

You Might Also Like

31 साल बाद खुला किडनैप-मर्डर केस, सलीम गिरफ्तार

YRKKH: ऋषभ जायसवाल का एग्जिट, अभिरा का इमोशनल पोस्ट

नेहा पेंडसे संग सड़क पर खौफनाक घटना, बोलीं- डर गई थी

AAP में सबसे बड़ा झटका: चड्ढा या पाठक, कौन भारी?

AAP टूट पर BJP का वार, नितिन नवीन बोले- अभी खेल बाकी

DC vs PBKS: प्लेइंग 11, पिच रिपोर्ट और मैच प्रिडिक्शन

IPL: कोहली के 300 छक्के,सबसे ज्यादा किसने लगाए?

इन मूलांक वालों से दुश्मनी पड़ सकती है भारी!

Select Your City