
Report By: Kiran Prakash Singh
राजेश खन्ना और संजीव कुमार: सुपरस्टार की इनसिक्योरिटी और अनकही दोस्ती
राजेश खन्ना और संजीव कुमार का रिश्ता हमेशा तल्ख रहा, लेकिन संजीव के निधन पर काका की आंखों में छलके आंसू और अनकही दोस्ती की यादें।
मुंबई (DigitalliveNews)।
भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना, जिन्हें प्यार से काका कहा जाता था, सिर्फ अपनी फिल्मों और स्टाइल के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी इनसिक्योरिटी के लिए भी मशहूर थे। ऐसी ही कहानी उनके और अभिनेता संजीव कुमार के रिश्ते की भी थी।
दोनों थिएटर के दिनों के साथी थे, लेकिन उनका रिश्ता हमेशा तल्ख रहा। संजीव कुमार गुजराती नाटकों में अपनी वर्सेटैलिटी के लिए पहचाने जाते थे, जबकि राजेश खन्ना हिंदी नाटकों से फिल्मों की ओर आए। राजेश खन्ना का स्टारडम इतना बड़ा था कि उनके लिए प्रोड्यूसर्स और फिल्ममेकर्स की लाइन लगी रहती थी, लेकिन इसके बावजूद उनके अंदर हमेशा कुछ न कुछ असुरक्षा और जलन की भावना रही।
29 दिसंबर 1942 को अमृतसर, पंजाब में जन्मे जतिन खन्ना यानी राजेश खन्ना ने 1966 में फिल्मों में डेब्यू किया। उनकी पहली फिल्म आखिरी खत को 1967 में भारत की ओर से ऑस्कर अवॉर्ड के लिए भेजा गया था। उन्होंने अपने करियर में 5 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते और साल 2013 में मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित हुए।
हालांकि, उनके लिए संजीव कुमार हमेशा एक खास तरह की चुनौती और कभी-कभी जलन का कारण भी बने रहे। लेकिन जब 1985 में संजीव कुमार का निधन हुआ, तो पहली बार दुनिया ने राजेश खन्ना की आंखों में अपने साथी के लिए आंसू देखे। यह दिखाता है कि उनके बीच चाहे तालमेल ना हो, पर दोस्ती और सम्मान हमेशा मौजूद था।
दोनों ही इंडियन थिएटर एसोसिएशन के सदस्य थे और उनके बीच का यह अनकहा रिश्ता आज भी सिनेमा के इतिहास में याद किया जाता है।