
Report By: Kiran Prakash Singh
बच्चों के सोशल मीडिया बैन पर सोनाक्षी–जहीर की अलग राय, लेकिन मकसद एक ही—सुरक्षा 📱👶
ऑस्ट्रेलिया के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन पर सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने अपनी राय रखी। सोनाक्षी सख्त कानून के पक्ष में तो जहीर जिम्मेदार पैरेंटिंग पर जोर देते दिखे।
मुंबई (digitallivenews)।बॉलीवुड के पॉपुलर कपल सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल हाल ही में मेटा मेटामॉर्फोसिस मास मीडिया सेलिब्रेशन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन लगाने के फैसले पर खुलकर अपनी राय रखी। दिलचस्प बात यह रही कि दोनों के विचार अलग-अलग थे, लेकिन दोनों का फोकस बच्चों की सुरक्षा और सही परवरिश पर ही रहा।
सोनाक्षी सिन्हा का साफ मत—भारत में भी लागू हो कानून 🚫📱
सोनाक्षी सिन्हा ने बिना किसी झिझक के कहा कि ऐसा कानून भारत में भी लागू होना चाहिए। उनके मुताबिक बच्चों को एक निश्चित उम्र तक सोशल मीडिया और मोबाइल फोन से पूरी तरह दूर रखना बेहद जरूरी है।
अभिनेत्री ने कहा कि जब तक बच्चा सही और गलत की समझ विकसित नहीं कर लेता, तब तक उसे सोशल मीडिया की दुनिया में नहीं डालना चाहिए। सोनाक्षी का मानना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया बच्चों की सोच और मानसिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है, इसलिए सख्त नियम बेहद जरूरी हैं।
जहीर इकबाल बोले—बैन नहीं, जिम्मेदार पैरेंटिंग जरूरी 👨👩👧
वहीं जहीर इकबाल का नजरिया थोड़ा अलग नजर आया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पूरी तरह बैन लगाने के बजाय माता-पिता की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
जहीर ने अपने घर का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी भतीजी के पास आईपैड है, लेकिन उसमें सिर्फ बच्चों के लिए सुरक्षित और सीमित कंटेंट ही मौजूद है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सब कुछ देखने की आज़ादी नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह तय करना माता-पिता की जिम्मेदारी है कि बच्चा ऑनलाइन क्या देख रहा है।
ट्रोलिंग पर भी जताई चिंता 😔
इसी बातचीत के दौरान सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खुलेआम किसी को अपमानित करना आम बात हो गई है और इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी एक्टिव है यह पावर कपल ✨
बॉलीवुड का यह पावर कपल फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहता है। सोनाक्षी और जहीर अपने मजेदार वीडियो, कैंडिड मोमेंट्स और बेबाक विचारों की वजह से अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं।
कुल मिलाकर, भले ही दोनों की सोच अलग हो, लेकिन एक बात साफ है—बच्चों की सुरक्षा और बेहतर भविष्य दोनों की पहली प्राथमिकता है।