
Report By: Kiran Prakash Singh
पीली मटर पर 30% आयात शुल्क, चाट-पकौड़ों का स्वाद हो सकता है महंगा 🌶️🍲
1 नवंबर से पीली मटर पर 30% आयात शुल्क लागू, चाट-पकौड़े, टिक्की और समोसा महंगे हो सकते हैं, देश में आयात पर असर।
नई दिल्ली (डिजिटल लाइव न्यूज़)
दिल्ली, मुंबई, लखनऊ या इंदौर की सड़कों पर शाम होते ही चाट-पकौड़ों के ठेलों पर चाट शौकीनों की भीड़ लगती है। लोग चटपटे पकौड़े, टिक्की, समोसा और चाट का मज़ा लेते हैं। लेकिन आने वाले दिनों में इस स्वाद का आनंद महंगा हो सकता है।
💰 पीली मटर पर 30% आयात शुल्क
केंद्र सरकार ने पीली मटर पर 1 नवंबर से 30% आयात शुल्क लगाने का फैसला किया है।
-
31 अक्टूबर या उससे पहले के बिल वाली खेप शुल्क मुक्त रहेगी।
-
अब तक पीली मटर पर कोई शुल्क नहीं था।
इस आयात शुल्क का असर चाट, टिक्की और पकौड़ों के रेट पर पड़ेगा, क्योंकि कारोबारी महंगी मटर आयात करेंगे और इसका असर सीधे उपभोक्ता की थाली तक जाएगा।
🌾 पीली मटर की आपूर्ति और उत्पादन
-
भारत में पीली मटर दलहनी फसलों में आती है।
-
उत्पादन सीमित होने के कारण ज्यादातर मटर आयात होती है।
-
2024 में कुल दलहन उत्पादन: 2.45 करोड़ टन
-
पीली मटर उत्पादन: 12-15 लाख टन
-
कुल दलहन खपत: 2.7 करोड़ टन, जिससे सालाना 25 लाख टन मटर आयात करना पड़ता है।
🌏 मुख्य आयातक देश
भारत अपनी जरूरत की पीली मटर कनाडा और रूस से मंगाता है।
-
2023-24 में आयात: 20 लाख टन
-
2024 में बढ़कर: 30 लाख टन
पीली मटर का आयात में हिस्सा लगभग 30% है, जबकि उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी नगण्य है।
⚠️ महंगे होने की संभावना
आयात शुल्क बढ़ने से:
-
पीली मटर की कीमत उपभोक्ता तक महंगी पहुंचेगी।
-
चाट, समोसा, पकौड़ा, टिक्की और अन्य स्नैक्स के दाम बढ़ सकते हैं।
-
खाने के शौकीनों के लिए यह बड़ी खबर है।