
Report By: Kiran Prakash Singh
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कड़ा मुकाबला, चिराग पासवान की महत्वाकांक्षा और नए समीकरण
पटना, DigitalLiveNews। बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। पिछली बार, यानी 2020 के चुनाव में एनडीए ने 243 सीटों में से 125 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं। लेकिन दोनों गठबंधनों के बीच वोटों का अंतर महज 11,150 था, जो चुनाव को बेहद रोमांचक बनाता है।
पिछला चुनाव: आंकड़ों की नजर से
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एनडीए को मिले वोट: 1 करोड़ 57 लाख 2 हजार 650 (37.26%)
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महागठबंधन को मिले वोट: 1 करोड़ 56 लाख 91 हजार 500 (37.23%)
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वोटों की इस तंग दौड़ ने बिहार की राजनीति को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया।
2025 में नया खेल — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति
इस बार माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लोकप्रियता में कमी आई है। हालांकि, चुनाव से पहले उन्होंने एक बड़ा वित्तीय कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने महिलाओं, युवाओं और अन्य वर्गों को विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 40 हजार करोड़ रुपये वितरित किए हैं, जो राज्य के कुल कोष का लगभग 66 प्रतिशत है। यह रणनीति उनकी चुनावी पकड़ मजबूत करने की कोशिश लगती है।
चिराग पासवान: क्या हैं उनकी योजनाएं?
2020 में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने एनडीए से अलग चुनाव लड़ा था और 25 लाख वोट (5.66%) हासिल किए थे। इस बार चिराग 35 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने पर अड़े हैं, लेकिन सूत्र बताते हैं कि भाजपा लोजपा को 25 से अधिक सीटें देने को तैयार है।
चिराग खुद कहते हैं, “मैं सब्जी पर नमक की तरह हूं, मैं हर क्षेत्र में 20-25 हजार वोट पलट सकता हूं।” इस बार उनकी मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा भी चर्चा में है।
चुनावी हॉट सीटें
यहां कुछ मुख्य विधानसभा सीटें और उनके दावेदार:
| विधानसभा क्षेत्र | उम्मीदवार | पार्टी |
|---|---|---|
| वाल्मिकीनगर | धीरेंद्र प्रताप सिंह | जेडीयू |
| करगहर | संतोष कुमार मिश्रा | कांग्रेस |
| कर्कट | अरुण सिंह | सीपीआई |
| बेतिया | रेनू देवी | भाजपा |
| मोतिहारी | प्रमोद कुमार | भाजपा |
| इमामगंज | दीपा कुमारी | हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) |
| सीतामढ़ी | मिथिलेश कुमार | भाजपा |
| मधुबनी | समीर कुमार महासेठ | राजद |
| झंझारपुर | नीतीश मिश्रा | भाजपा |
| अररिया | आबिदुर्रहमान | कांग्रेस |
| किशनगंज | इज़हारुल हुसैन | कांग्रेस |
| पूर्णिया | विजय कुमार खेमका | भाजपा |
| कटिहार | तारकिशोर प्रसाद | भाजपा |
एनडीए को नया झटका — मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी
एनडीए को बड़ा झटका मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी से लगा है, जिसने 2020 में 6.5 लाख वोट (1.52%) हासिल किए थे। अब यह पार्टी इंडिया अलायंस में शामिल हो चुकी है।
इस वजह से बिहार का चुनावी समीकरण और भी पेचीदा हो गया है।
प्रशांत किशोर और जनसुराज पार्टी
चुनाव 2025 में एक और बड़ा फेक्टर हैं प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज पार्टी, जिसके चुनावी नतीजों पर खासा प्रभाव होने की संभावना जताई जा रही है।
मतों के विभाजन के चलते यह साफ नहीं है कि जनसुराज पार्टी किस गठबंधन को नुकसान पहुंचाएगी — एनडीए या इंडिया अलायंस।
निष्कर्ष
2025 का बिहार विधानसभा चुनाव पिछले चुनावों की तुलना में अधिक रोमांचक और कड़ा मुकाबला साबित होगा।
चुनावी समीकरणों में आए बदलाव, नए गठबंधन और नेताओं की महत्वाकांक्षाएं इस चुनाव को बेहद प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। वोटों की मामूली अंतर की वजह से हर वोट कीमती होगा।
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