
Report By: Kiran Prakash Singh
आसाराम ने सेंट्रल जेल में किया सरेंडर, हाई कोर्ट ने बढ़ाने से इनकार की थी जमानत
जोधपुर | DigitalLiveNews
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम ने शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया। यह कदम राजस्थान हाई कोर्ट द्वारा उनकी अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने से इनकार किए जाने के बाद उठाया गया।
गौरतलब है कि जनवरी 2025 में आसाराम को 12 साल बाद पहली बार अंतरिम जमानत मिली थी, जिसे उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर हासिल किया था। लेकिन 27 अगस्त को हाई कोर्ट की खंडपीठ (जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर) ने स्पष्ट किया कि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार आसाराम की तबीयत स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने या लगातार चिकित्सा निगरानी की आवश्यकता नहीं है।
मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आसाराम ने हाल के महीनों में इलाज के लिए कई जगह यात्राएं कीं और विभिन्न अस्पतालों से सलाह ली, लेकिन किसी अस्पताल में नियमित इलाज नहीं कराया। कोर्ट ने आसाराम के वकील की उस दलील को भी खारिज कर दिया, जिसमें एम्स जोधपुर की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य में गिरावट का दावा किया गया था।
करीब साढ़े सात महीने की जमानत अवधि में आसाराम ने 11 साल बाद अपने बेटे नारायण साईं से मुलाकात भी की थी। 25 जून को नारायण साईं, जो सूरत जेल में बंद हैं, जोधपुर स्थित आश्रम पहुंचे थे और पिता से मुलाकात की थी।
कोर्ट के आदेश के बाद आसाराम को जेल प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण करना पड़ा और अब वह दोबारा अपनी उम्रकैद की सजा भुगत रहे हैं।