
Report By: Kiran Prakash Singh
अयोध्या में 30 लाख दीये जलाने की तैयारी के बीच राम की पैड़ी और घाटों पर रौनक बढ़ी है। चाय, समोसा और झालमुड़ी बेचने वाले छोटे दुकानदारों की रोजाना कमाई तीन गुना तक पहुंच गई है।
आज की तारीख: 5 नवंबर 2026
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अयोध्या में दीपोत्सव से छोटे कारोबारियों की चमकी किस्मत, कमाई तीन गुना बढ़ी
डिजिटल लाइव ब्यूरो। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। राम की पैड़ी से लेकर आसपास के घाटों तक आयोजन की भव्यता देखने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होने में अभी दो दिन बाकी हैं, लेकिन इसका असर स्थानीय कारोबार पर दिखने लगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित हो रहे दीपोत्सव ने छोटे दुकानदारों की कमाई को नई रफ्तार दी है। घाटों पर चाय, समोसा और झालमुड़ी बेचने वाले दुकानदारों की आमदनी सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक बढ़ गई है।
30 लाख दीयों के लक्ष्य के साथ तैयारियां तेज
अयोध्या में इस बार 30 लाख दीप जलाने की तैयारी की जा रही है। राम की पैड़ी और आसपास के घाटों को भव्य आयोजन के लिए सजाया जा रहा है। शाम होते ही घाटों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है।
परिवार के साथ घूमने आ रहे लोग तैयारियां देखने के साथ चाय, समोसा और झालमुड़ी का स्वाद भी ले रहे हैं। इससे घाटों पर छोटी दुकान और रेहड़ी लगाने वाले कारोबारियों को सीधा फायदा मिल रहा है।
रोहित शुक्ला की रोजाना कमाई 3000 रुपये तक पहुंची
गोंडा निवासी रोहित शुक्ला घाटों पर समोसा बेचते हैं। रोहित के मुताबिक, सामान्य दिनों में वह रोजाना करीब 700 से 900 रुपये तक कमा पाते थे, लेकिन दीपोत्सव की तैयारियों के बीच उनकी आमदनी बढ़कर 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से समोसों की बिक्री में तेजी आई है। रोहित को उम्मीद है कि दीपोत्सव के मुख्य आयोजन के दौरान कारोबार और बढ़ेगा।
झालमुड़ी की बढ़ी मांग, रविन्द्र को मिल रहा फायदा
अयोध्या के रुदौली निवासी रविन्द्र कुमार कनौजिया घाटों पर झालमुड़ी बेचते हैं। उनका कहना है कि दीपोत्सव की तैयारियां देखने पहुंच रहे लोगों के कारण झालमुड़ी की मांग बढ़ी है।
रविन्द्र के अनुसार, सामान्य दिनों की तुलना में इन दिनों उनकी आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ रही है। घाटों पर आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक उनकी दुकान से झालमुड़ी खरीद रहे हैं।
प्रेम कुमार भट्ट की चाय की बिक्री में उछाल
अयोध्या के सिकंदरपुर चौरी निवासी प्रेम कुमार भट्ट चाय बेचकर अपना परिवार चलाते हैं। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में उनकी रोजाना कमाई करीब 700 से 800 रुपये रहती थी, लेकिन दीपोत्सव की तैयारियों के चलते अब आमदनी दो से तीन गुना तक बढ़ गई है।
घाटों पर घूमने और तैयारियां देखने पहुंच रहे लोग चाय पीने के लिए रुक रहे हैं। प्रेम कुमार को सात नवंबर को मुख्य आयोजन के दौरान बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
राम मंदिर और पर्यटन से स्थानीय कारोबार को नई गति
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, विकास कार्यों और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही का लाभ होटल, परिवहन और खानपान से जुड़े कारोबारियों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों को भी मिल रहा है।
दीपोत्सव जैसे बड़े आयोजन स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और अतिरिक्त आमदनी के अवसर पैदा कर रहे हैं। इस बार 30 लाख दीपों के लक्ष्य के बीच घाटों पर बढ़ती रौनक ने छोटे कारोबारियों के चेहरे पर भी मुस्कान ला दी है।
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