
Report By: Kiran Prakash Singh
भाईदूज पर आगरा–फिरोजाबाद में जाम का कहर — ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, घंटों सड़क पर फंसे लोग
Digital Live News | आगरा-फिरोजाबाद ब्यूरो रिपोर्ट
त्योहार की खुशियों के बीच भाईदूज का दिन आगरा और आसपास के जिलों में लोगों के लिए परेशानी बन गया।
आगरा, खंदौली, फिरोजाबाद और मथुरा में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
सड़कें वाहनों से पट गईं, जगह-जगह लंबे जाम लगे और लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे।
तेज धूप में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग परेशान रहे, जबकि प्रशासन की जाम नियंत्रण की तैयारियां नाकाफी साबित हुईं।
🚦 खंदौली में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त
आगरा जिले के खंदौली क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक खराब रही।
आगरा-हाथरस मार्ग और मई रोड पर लगभग एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
वाहनों की कतारें इतनी लंबी थीं कि कई लोग अपने गंतव्य तक 2-3 घंटे की देरी से पहुंचे।
लोगों ने बताया कि सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल था —
“कहीं ई-रिक्शा फंसे, कहीं बाइकें गिर रहीं थीं। पुलिस नदारद थी, कोई व्यवस्था नहीं थी।”
🚗 फिरोजाबाद और मथुरा में भी जाम से हाहाकार
फिरोजाबाद शहर में हर प्रमुख चौराहे — जाटवपुरा, रामगढ़, सिरसागंज रोड और नगर केंद्र — पर जाम की स्थिति बनी रही।
भाईदूज के मौके पर बहनें भाइयों के घर जा रही थीं, लेकिन उन्हें सड़कों पर घंटों फंसा रहना पड़ा।
मथुरा और वृंदावन में भी धार्मिक स्थलों के आसपास ट्रैफिक रेंगता रहा।
शहर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
😰 भाईदूज पर फंसे लोग — न दवा, न पानी
जाम में फंसे लोगों को न तो पानी मिल सका, न दवा।
कई जगहों पर बुजुर्ग और महिलाएं तेज धूप में बेहाल हो गईं।
छोटे बच्चे रोते रहे और मरीजों को अस्पताल पहुँचने में भारी देरी हुई।
एक महिला ने बताया —
“भाईदूज पर भाइयों से मिलने निकली थी, लेकिन 3 घंटे से जाम में फंसी हूँ। न पुलिस दिखी, न कोई मदद।”
🚨 चार सिपाहियों पर सौंपी गई ट्रैफिक की जिम्मेदारी
खंदौली थाना क्षेत्र में पूरे त्योहार पर ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी सिर्फ चार सिपाहियों पर थी।
इतनी बड़ी भीड़ के सामने वे असहाय नज़र आए।
न कहीं बैरिकेडिंग की व्यवस्था थी, न वैकल्पिक मार्ग बनाए गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि
“प्रशासन को पहले से अंदेशा था कि त्योहार पर भीड़ बढ़ेगी, फिर भी कोई ठोस प्लान नहीं बनाया गया।”
🔥 लोगों का सवाल — त्योहार पर नहीं संभला ट्रैफिक तो आम दिन क्या हाल होगा?
जाम से त्रस्त लोगों ने सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई।
कई लोगों ने लिखा —
“अगर त्योहारों पर भी पुलिस और प्रशासन ट्रैफिक नहीं संभाल पा रहे, तो आम दिनों में क्या हाल होगा?”
🧭 अफरा-तफरी और प्रशासन की चुप्पी
घंटों जाम में फंसे वाहनों के बीच लोग मदद को तरसते रहे।
अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, और पूरे समय स्थानीय पुलिस कर्मी स्थिति को संभालने में नाकाम दिखे।
खंदौली, बरहन और फिरोजाबाद की सड़कें पूरी तरह जाम रहीं, जबकि जाम खुलवाने के लिए कोई क्रेन या फोर्स तैनात नहीं की गई।
😡 आवश्यक सेवाएं भी फंसीं
जाम की वजह से एंबुलेंस, दूध और सब्ज़ी के वाहन तक फंस गए।
कई मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच सके।
एक स्थानीय दुकानदार ने कहा —
“हर साल ऐसा ही होता है, लेकिन इस बार तो हद हो गई। सुबह निकले थे, दोपहर तक घर नहीं पहुंच पाए।”
⚖️ निष्कर्ष — कागजों में तैयारी, ज़मीन पर नाकामी
त्योहारों पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए प्रशासन हर साल योजनाओं की घोषणा करता है,
लेकिन हकीकत में तैयारियाँ सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाती हैं।
आगरा से लेकर मथुरा तक सड़कें घंटों ठप रहीं, लोग परेशान होते रहे और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।
आमजन का सवाल वाजिब है —
“जब त्योहार पर भी ट्रैफिक नहीं संभलता, तो बाकी दिनों में क्या उम्मीद की जाए?”