
यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ में दीक्षांत समारोह के दौरान युवाओं को रिश्तों, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की सलाह दी। AI के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
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आनंदीबेन पटेल की युवाओं को सलाह, बोलीं- रिश्तों में जिम्मेदारी निभाना जरूरी
डिजिटल लाइव न्यूज | 22 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लखनऊ स्थित महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के सातवें दीक्षांत समारोह में युवाओं को रिश्तों, जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गर्लफ्रेंड बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन यदि किसी से शादी का वादा किया है तो उसे निभाने की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।
राज्यपाल ने युवाओं से अपील की कि वे अपने भविष्य को मजबूत बनाने के साथ-साथ अपने फैसलों के प्रति जिम्मेदार रहें। उन्होंने शिक्षा, अच्छे विचारों, गरीब बच्चों को अवसर देने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया।
1. रिश्तों में जिम्मेदारी निभाने की दी सलाह
दीक्षांत समारोह में आनंदीबेन पटेल ने कहा कि युवाओं को रिश्तों को गंभीरता से लेना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी से संबंध बनाना गलत नहीं है, लेकिन शादी का वादा करने के बाद उससे पीछे हटना जिम्मेदारी के सवाल खड़े करता है।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे पहले अपने पैरों पर खड़े हों और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में काम करें। इससे वे भविष्य में परिवार की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।
2. कम उम्र में माता-पिता बनने के मुद्दे पर जताई चिंता
राज्यपाल ने कम उम्र में बच्चों को जन्म देने और फिर उनकी जिम्मेदारी से पीछे हटने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किशोर उम्र में किसी लड़की को मां बनाकर छोड़ देना उचित नहीं है।
उन्होंने युवाओं से अपने फैसलों के परिणामों को समझने और दूसरे व्यक्ति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उनके संबोधन का मुख्य संदेश यह था कि रिश्तों और जीवन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लिए जाने चाहिए।
3. युवाओं से गलत गतिविधियों को रोकने की अपील
आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे खुद गलत गतिविधियों से दूर रहें और दूसरों को भी गलत रास्ते पर जाने से रोकने का प्रयास करें। उन्होंने अच्छे लोगों की संगति और सकारात्मक विचारों के महत्व को समझाया।
अपने संबोधन में उन्होंने पानी का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह पानी में लगातार गंदगी डालने से वह दूषित हो जाता है, उसी तरह समाज में गलत विचारों को बढ़ावा मिलने से उसका वातावरण प्रभावित होता है। इसलिए समाज में अच्छे विचारों और सही ज्ञान को बढ़ावा देना जरूरी है।
4. गरीब बच्चों को शिक्षा और कौशल के अवसर देने पर जोर
राज्यपाल ने विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए केवल आर्थिक मदद पर्याप्त नहीं है। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के अवसर भी मिलने चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं के ज्ञान और मेहनत का सही इस्तेमाल देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। शिक्षा और कौशल के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
5. AI के इस्तेमाल से नए अवसर तलाशें युवा
आनंदीबेन पटेल ने युवाओं से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेटा और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से नए अवसर तलाशे जा सकते हैं।
राज्यपाल के मुताबिक, युवाओं को इन तकनीकों का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
महर्षि यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल का संबोधन रिश्तों में जिम्मेदारी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक मूल्यों और तकनीकी शिक्षा जैसे विषयों पर केंद्रित रहा। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि वे अपने जीवन के फैसले समझदारी से लें और अपनी शिक्षा व क्षमताओं का उपयोग समाज तथा देश के विकास के लिए करें।
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