
Report By: Kiran Prakash Singh
BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की कार्यप्रणाली पर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नई कमिटी बनाने से इनकार किया। अदालत ने चुनाव प्रक्रिया का इंतजार किया।
मनन कुमार मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा की कार्यप्रणाली को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल नई कमिटी नियुक्त करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि राज्य बार काउंसिल के चुनाव हो चुके हैं और उनके गठन के बाद BCI के नए पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। ऐसे में इस समय नई कमिटी गठित करने की जरूरत नहीं है।
नई कमिटी बनाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने BCI की मौजूदा व्यवस्था को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नई कमिटी नियुक्त करने की मांग को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए फिलहाल मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया।
अदालत के अनुसार राज्य बार काउंसिल के चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं। अब इन बार काउंसिल के गठन के बाद BCI के नए पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चुनाव होने तक मौजूदा कमिटी करेगी काम
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि BCI के नए पदाधिकारियों का चुनाव होने तक मौजूदा कमिटी काम करती रहेगी। यानी तत्काल प्रभाव से किसी नई कमिटी का गठन नहीं किया जाएगा।
अदालत ने माना कि जब चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है तो उसके बीच नई व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता नहीं है। इससे मौजूदा कमिटी को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक काम करने का अवसर मिलेगा।
बड़े नीतिगत फैसलों पर रहेगी शर्त
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मौजूदा कमिटी के कामकाज को लेकर एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी है। अदालत ने कहा कि इस अवधि में कमिटी जब भी बड़े नीतिगत फैसले लेगी, तो उसे अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहमति लेनी होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए पदाधिकारियों के चुनाव तक महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले उचित कानूनी सलाह और निगरानी के साथ लिए जाएं।
राज्य बार काउंसिल के गठन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
अदालत ने अपने रुख में राज्य बार काउंसिल के चुनाव और उनके गठन को महत्वपूर्ण माना है। राज्य बार काउंसिल के गठन के बाद BCI के नए पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इस पूरी प्रक्रिया के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया में नई नेतृत्व व्यवस्था सामने आएगी। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल नई कमिटी नियुक्त करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना उचित माना।
फिलहाल चुनाव प्रक्रिया पर टिकी नजर
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब निगाहें BCI के आगामी चुनाव पर रहेंगी। अदालत ने फिलहाल मौजूदा कमिटी को काम जारी रखने की अनुमति दी है, लेकिन बड़े नीतिगत फैसलों के लिए अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की सहमति की शर्त भी रखी है।
इस फैसले से यह स्पष्ट है कि सुप्रीम कोर्ट फिलहाल नई कमिटी के गठन के बजाय चुनाव के जरिए नई व्यवस्था बनने का इंतजार करना चाहता है। राज्य बार काउंसिल के गठन और उसके बाद BCI के नए पदाधिकारियों के चुनाव से आगे की तस्वीर साफ होगी।
तारीख: 2 सितंबर 2026
वेबसाइट: digitallivenews.com