
Report By: Kiran Prakash Singh
राजस्थान में चलती एसी बस में लगी आग, 20 यात्रियों की दर्दनाक मौत, 15 गंभीर रूप से झुलसे
जैसलमेर | Digital Live News
राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार दोपहर एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक एसी स्लीपर बस में चलते-चलते अचानक आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 यात्रियों की जलकर मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
घटना मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे पोकरण क्षेत्र के पास हुई। बस में उस समय लगभग 50 से अधिक यात्री सवार थे। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग और राहत टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – कुछ ही मिनटों में जल गई पूरी बस
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग अचानक बस के पिछले हिस्से से शुरू हुई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर बैठे यात्री कुछ समझ पाते उससे पहले ही धुआं और आग फैल गई।
कई लोगों ने चलती बस से कूदकर जान बचाने की कोशिश की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ यात्री बस के अंदर ही फंसे रह गए और बाहर निकलने का रास्ता न मिलने के कारण दम घुटने या जलने से उनकी मौत हो गई।
1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शवों को बस से बाहर निकाला, और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
आग लगने का कारण – शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग बस के पिछले हिस्से में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। हालांकि, फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर पूरी तकनीकी जांच कर रही है, ताकि आग लगने की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
इस घटना ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर चलती बस में ऐसा शॉर्ट सर्किट कैसे हुआ, और क्या बस में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद थे या नहीं?
मृतकों की पहचान में परेशानी, हेल्पलाइन नंबर जारी
पुलिस के अनुसार, अधिकांश शव बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है। शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए टेस्टिंग का सहारा लिया जा सकता है।
प्रशासन ने यात्रियों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि वे अपनों की जानकारी ले सकें और प्रशासन से संपर्क कर सकें।
राज्य सरकार और प्रशासन सक्रिय, मुआवजे की घोषणा संभव
हादसे की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और संबंधित जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
संभावना है कि जल्द ही मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की जाएगी।
घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग भी उठ रही है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
जनता का सवाल – क्या एसी बसें सुरक्षित हैं?
इस भीषण हादसे के बाद आम जनता के मन में एक सवाल उठ रहा है – क्या एसी बसों की जांच और रखरखाव ठीक से हो रहा है?
अक्सर निजी ट्रैवल कंपनियां लागत कम करने के लिए सुरक्षा उपायों से समझौता करती हैं, और यात्रियों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
समय आ गया है कि परिवहन विभाग ऐसे वाहनों की नियमित जांच और फायर सेफ्टी ऑडिट को अनिवार्य बनाए।
निष्कर्ष: एक दर्दनाक हादसा, कई सवाल अनुत्तरित
यह हादसा न केवल 20 जिंदगियों का अंत है, बल्कि सड़क और यात्री सुरक्षा को लेकर हमारी लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण भी है। जब तक बसों की फिटनेस, फायर सेफ्टी और चालक-परिचालक की ट्रेनिंग को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे।
अब वक्त आ गया है कि हम “जिम्मेदार ट्रैवल” और “सुरक्षित सफर” को नारे से आगे ले जाकर व्यवस्था में उतारें।
प्रमुख बिंदु (Highlights):
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हादसा दोपहर 3:30 बजे पोकरण के पास हुआ
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20 यात्रियों की मौत, 15 गंभीर रूप से घायल
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बस में कुल 50 से अधिक यात्री सवार थे
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आग लगने का कारण – शॉर्ट सर्किट की आशंका
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शवों की पहचान में कठिनाई, हेल्पलाइन नंबर जारी
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पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी