Petrol-Diesel महंगा, राहुल गांधी का सरकार पर वार

Report By: Kiran Prakash Singh

पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा। कांग्रेस ने कहा- महंगाई और बढ़ेगी।

📅 15 May 2026
🌐 digitallivenews.com

Petrol-Diesel महंगा, राहुल गांधी का सरकार पर हमला

बढ़ी ईंधन कीमतों से देशभर में बढ़ी चिंता

देश में एक बार फिर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार, 15 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू हो गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार साल बाद ईंधन की कीमतों में बड़ा संशोधन करते हुए पेट्रोल में 3.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 3.11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। वहीं सीएनजी की कीमत भी 2 रुपये प्रति किलो बढ़ा दी गई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल अब 97.77 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

राहुल गांधी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “गलती मोदी सरकार की है और इसकी कीमत जनता चुकाएगी। ₹3 का झटका आ चुका, बाकी वसूली किस्तों में की जाएगी।” राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार सरकार पर महंगाई बढ़ाने का आरोप लगा रही है और दावा कर रही है कि आम आदमी की कमर टूट चुकी है।

कांग्रेस बोली- महंगाई और बढ़ेगी

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं तब सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय टैक्स बढ़ाकर फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि अब कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ेगा और इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों समेत रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा। कांग्रेस का दावा है कि इससे महंगाई दर और आर्थिक विकास दोनों प्रभावित होंगे। विपक्ष का कहना है कि सरकार जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार और पश्चिम एशिया तनाव का असर

सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक हालात की वजह से ईंधन की कीमतों पर दबाव बना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सप्लाई को प्रभावित किया है। यही कारण है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ी। हालांकि विपक्ष इस तर्क को मानने को तैयार नहीं है और सरकार पर टैक्स के जरिए आम लोगों से वसूली करने का आरोप लगा रहा है।

आम जनता और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर

ईंधन महंगा होने का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ने वाला है। ट्रक, बस और टैक्सी संचालन की लागत बढ़ने से किराए और सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। इससे आम आदमी का घरेलू बजट बिगड़ना तय माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार के फैसले को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

Also Read

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक बार फिर से वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा भड़क उठी

कुणाल कपूर ने कहा: शाकाहारी लोग मांसाहारी खाने से क्यों इनकार करते हैं?

राहुल गांधी का तंज: नीतीश कुमार का रिमोट बीजेपी के हाथ में

टीम इंडिया की तैयारी: न्यूजीलैंड वनडे सीरीज 2026

117 साल बाद खुल सकता है ‘दरिया-ए-नूर’ का राज

You Might Also Like

मार्केट वैल्यू में भारत 7वें स्थान पर, क्या हैं वजहें?

अंजना ओम कश्यप पर टिप्पणी से सोशल मीडिया में विवाद

KGMU दवा घोटाले में बड़ा एक्शन, 3 कर्मी बर्खास्त

ग्राम प्रधान प्रशासक नियुक्ति पर हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई

योगी कैबिनेट की आज अहम बैठक, कई बड़े प्रस्तावों पर फैसला

KKR की जीत के बाद शाहरुख का वीडियो हुआ वायरल

काव्या मारन के रिएक्शन से क्रुणाल पांड्या पर बहस तेज

LSG vs PBKS मैच में पिच और मौसम निभाएंगे अहम रोल

Select Your City