
Report by: Kiran Prakash Singh
मुस्तफिजुर रहमान की वापसी और आईपीएल बनाम पीएसएल का खेल
मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर करने के बाद पीएसएल में जगह मिली। पीएसएल ने नई फ्रेंचाइजी जोड़ी और खिलाड़ियों को नए अवसर दिए।
मुंबई (DigitalLiveNews)। भारतीय प्रीमियर लीग (आईपीएल) से बाहर किये जाने के बाद बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान ने पाकिस्तान प्रीमियर लीग (पीएसएल) में धमाकेदार एंट्री कर ली है। इस कदम से एक बार फिर साफ हो गया है कि आईपीएल और पीएसएल की तुलना करना मुश्किल है – खिलाड़ी अक्सर वहीं जाते हैं, जहां उन्हें मौके और सम्मान दोनों मिले।
मुस्तफिजुर के लिए आईपीएल में जगह न मिलना या किसी कारण से बाहर होना पीएसएल में एक सुनहरा अवसर साबित हुआ। पीएसएल ने इसे तुरंत भुनाया और उन्हें अपनी नई टीम में शामिल कर लिया। यह दिखाता है कि कभी-कभी एक खिलाड़ी के लिए एक लीग में असफलता, दूसरी लीग में सफलता का दरवाजा खोल देती है।
लेकिन यह सिर्फ खिलाड़ी तक ही सीमित नहीं है। अगर पैसों की तुलना की जाए, तो आईपीएल और पीएसएल के बीच भारी अंतर नजर आता है। 2026 की शुरुआत में पीएसएल ने अपनी लीग में दो नई फ्रेंचाइजी जोड़ दी हैं। इन टीमों को खरीदने के लिए बोलियां लगीं और इन्हें खरीदा गया – लेकिन आईपीएल के स्तर से तुलना करें तो यह लगभग 100 गुना कम कीमत पर हुई।
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पीएसएल की नई फ्रेंचाइजी:
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ओजेड डिवेलपर्स ने सियालकोट की टीम 65.6 लाख डॉलर (~58.38 करोड़ रुपये) में खरीदी।
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अमेरिका की एफकेएस ग्रुप ने हैदराबाद की टीम 62 लाख डॉलर (~55.57 करोड़ रुपये) में खरीदी।
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वहीं आईपीएल में नई टीमों की कीमत देखिए:
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लखनऊ सुपर जॉइंट्स (2021) – 7,090 करोड़ रुपये
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गुजरात टाइटंस (2021) – 5,625 करोड़ रुपये
पीएसएल और आईपीएल की कीमतों में अंतर देखकर यह साफ होता है कि भारत की लीग कितनी बड़ी और व्यावसायिक स्तर पर मजबूत है। सिर्फ खिलाड़ियों की नीलामी ही इसे साबित करती है – पिछले आईपीएल सत्र में ऋषभ पंत 27 करोड़, श्रेयस अय्यर 26.75 करोड़ और वेंकटेश अय्यर 23.75 करोड़ में खरीदे गए थे।
यहां मजेदार तुलना यह है कि अगर दो खिलाड़ियों की कीमतें जोड़ दें, तो यह लगभग पीएसएल की दोनों नई फ्रेंचाइजी की कीमत के बराबर होती है। यही फर्क दर्शाता है कि आईपीएल सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि एक व्यापारिक महाकुंभ बन चुका है।
मुस्तफिजुर रहमान के लिए पीएसएल में शामिल होना नई चुनौती और अवसर लेकर आया है। उनके खेल के फैंस अब इस लीग में भी उनका प्रदर्शन देखने के लिए उत्साहित हैं। वहीं यह बात भी साफ हो गई कि चाहे खिलाड़ी किसी लीग में क्यों न हों, प्रतिभा और मेहनत हमेशा मौके तलाशती है।
आईपीएल और पीएसएल – दोनों की अपनी खासियत है। जहां आईपीएल ग्लोबल स्टार्स और भारी निवेश की दुनिया है, वहीं पीएसएल युवा खिलाड़ियों और नए अवसरों की लीग बनकर उभरी है। मुस्तफिजुर जैसे खिलाड़ी इसे साबित कर रहे हैं कि क्रिकेट की दुनिया में अवसर हर जगह मिल सकते हैं, बस सही समय और सही मंच चाहिए।