
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली में महिला पुलिसकर्मी की चतुराई से फरार अपराधी गिरफ्तार — सोशल मीडिया पर दोस्ती कर रची चाल
नई दिल्ली | रिपोर्ट — [digitallivenews]
दिल्ली पुलिस की एक महिला सिपाही ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से एक फरार अपराधी को गिरफ्तार कर सबको हैरान कर दिया। यह मामला अशोक विहार गोलीकांड से जुड़ा है, जिसमें आरोपी राहुल मातड हिंसा में शामिल एक गिरोह का सदस्य था। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था और पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था।
महिला पुलिसकर्मी ने अपराधी से सोशल मीडिया के ज़रिए दोस्ती की, मिलने के बहाने उसे बुलाया और बिना किसी हंगामे के दबोच लिया।
क्या है पूरा मामला
घटना की शुरुआत 2 अप्रैल को हुई थी, जब दिल्ली के अशोक विहार इलाके में प्रदीप नाम के व्यक्ति पर गोली चलाई गई थी। हमले में प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि उनकी भतीजी पर भी बंदूक की बट से वार किया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि इस वारदात के पीछे राहुल और उसके साथी शामिल थे, जो मातड हिंसा में सक्रिय समूह का हिस्सा थे।
घटना के बाद से राहुल फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटीं, लेकिन वह बार-बार ठिकाने बदलता रहा। आखिरकार दिल्ली पुलिस की एक महिला कॉन्स्टेबल ने उसे पकड़ने की अनोखी रणनीति बनाई।
सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर चालाकी से गिरफ्तारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला सिपाही ने आरोपी राहुल के सोशल मीडिया प्रोफाइल की निगरानी शुरू की। धीरे-धीरे उसने फर्जी अकाउंट से दोस्ती की और उससे बातचीत शुरू की। आरोपी को विश्वास हो गया कि वह किसी साधारण युवती से बात कर रहा है।
कुछ दिनों तक चैटिंग चलती रही और फिर सिपाही ने राहुल को मुलाकात के लिए बुलाया। जैसे ही राहुल तय स्थान पर पहुंचा, पहले से मौजूद पुलिस टीम ने उसे घेर लिया और बिना किसी विरोध के गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की चतुराई की सराहना
पुलिस अधिकारियों ने महिला सिपाही की इस सूझबूझ और साहस की खुलेआम प्रशंसा की है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —
“यह गिरफ्तारी तकनीकी और मानवीय दोनों स्तर पर बेहतरीन पुलिसिंग का उदाहरण है। महिला सिपाही ने जिस तरह आरोपी को धोखे में रखकर पकड़ा, वह काबिल-ए-तारीफ है।”
पिछला आपराधिक इतिहास
जांच में पता चला है कि आरोपी राहुल पहले भी कई झगड़ों और हमले के मामलों में शामिल रहा है। वह मातड हिंसा में सक्रिय गैंग का सदस्य है और उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। घटना के बाद वह उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अलग-अलग जगहों पर छिपता रहा।
निष्कर्ष — महिला सिपाही बनी “ऑनलाइन ट्रैप” की मास्टरमाइंड
इस मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आधुनिक पुलिसिंग में सोशल मीडिया की भूमिका कितनी अहम हो गई है। महिला पुलिसकर्मी ने न केवल अपराधी को पकड़ने का नया तरीका दिखाया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि तकनीकी समझ और साहस का मेल अपराधियों के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
दिल्ली पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके गिरोह और अन्य सहयोगियों तक पहुँचा जा सके।